गोल्फ: 'विमेंस ओपन' में कट से चूकीं दीक्षा डागर, मगर रैंकिंग में दबदबा कायम
लंदन, 4 अगस्त (आईएएनएस)। एआईजी विमेंस ओपन में कट से चूकने के बावजूद, दीक्षा डागर ने लेडीज यूरोपियन टूर (एलईटी) की टॉप खिलाड़ियों में अपनी जगह बरकरार रखी है, जो 'रेस टू कोस्टा डेल सोल' स्टैंडिंग में भारतीय चुनौती का नेतृत्व कर रही हैं।
साल के अंतिम मेजर टूर्नामेंट के बाद, एलईटी में दो बार जीत हासिल करने वालीं दीक्षा सीजन-भर चलने वाली 'ऑर्डर ऑफ मेरिट' में छठे से आठवें स्थान पर खिसक गईं, लेकिन वे अभी भी इस सर्किट पर सबसे ऊंची रैंकिंग वाली भारतीय खिलाड़ी बनी हुई हैं।
दीक्षा की यह रैंकिंग लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले सीजन को दिखाती है; उन्होंने कई बार टॉप-10 में जगह बनाई है और लगातार शानदार प्रदर्शन किया है, जिससे वे टूर की बेहतरीन खिलाड़ियों के बीच अपनी जगह बनाए हुए हैं।
अब दीक्षा की निगाहें सेंचुरियन क्लब में होने वाली लंदन चैंपियनशिप पर होंगी, जहां वे एक बार फिर पांच खिलाड़ियों वाली भारतीय टीम की अगुवाई करेंगी। 'रेस टू कोस्टा डेल सोल' में अहम प्वाइंट्स मिलने की वजह से, यह टूर्नामेंट बाएं हाथ की खिलाड़ी के लिए टॉप-10 में अपनी स्थिति मजबूत करने और अपने करियर के सबसे अच्छे सीजन-एंडिंग फिनिश की ओर बढ़ने का एक और मौका है।
हालांकि, रॉयल लिथम एंड सेंट एंस में कट से बाहर होने के कारण सीजन के आखिरी मेजर टूर्नामेंट में उनका सफर खत्म हो गया, लेकिन इससे उनके शानदार साल पर कोई खास असर नहीं पड़ा है।
लंदन में दीक्षा के साथ चार अन्य भारतीय खिलाड़ी भी होंगी, जो अपने-अपने एलईटी करियर के अलग-अलग पड़ाव पर हैं।
रूकी अवनी प्रशांत का पहला पूरा सीजन उत्साहजनक रहा है और वे अभी 'रेस टू कोस्टा डेल सोल' स्टैंडिंग में 45वें स्थान पर हैं। बेंगलुरु की इस युवा गोल्फर ने कई बार लगातार अच्छा प्रदर्शन करके अपनी जबरदस्त क्षमता की झलक दिखाई है और वे सीजन के दूसरे भाग में भी अपनी लय बनाए रखने की कोशिश करेंगी।
उनके ठीक पीछे प्रणवी उर्स हैं, जो 'ऑर्डर ऑफ मेरिट' में 48वें स्थान पर हैं। प्रणवी ने इस सीजन में कई बार कड़ा मुकाबला किया है और सेंचुरियन क्लब में शानदार प्रदर्शन करके स्टैंडिंग में और ऊपर चढ़ने की कोशिश करेंगी। यूरोपियन टूर पर भारत की सबसे सफल गोल्फर और पांच बार एलईटी जीतने वालीं अदिति अशोक, मिले-जुले प्रदर्शन के बाद 58वें स्थान पर हैं।
भारतीय खिलाड़ियों की सूची में हिताशी बख्शी भी शामिल हैं, जो लेडीज यूरोपियन टूर पर अपने पहले पूरे सीजन में अहम अनुभव हासिल कर रही हैं। 127वें स्थान पर मौजूद हिताशी और आगे बढ़ने की उम्मीद करेंगी, क्योंकि वह यूरोप के बेहतरीन खिलाड़ियों के साथ लगातार खेलने की चुनौतियों के हिसाब से खुद को ढाल रही हैं।
सीजन के अगले चरण में 'रेस टू कोस्टा डेल सोल' का मुकाबला काफी कड़ा बना हुआ है। शानदार प्रदर्शन के बाद दक्षिण अफ्रीका की कैसंड्रा अलेक्जेंडर 'ऑर्डर ऑफ मेरिट' में सबसे आगे बनी हुई हैं, जबकि सिंगापुर की शैनन टैन भी मैदान में हैं और शीर्ष पर मौजूद खिलाड़ियों के साथ अंतर को कम करने की कोशिश में एक और मजबूत फिनिश की तलाश में होंगी।
2026 के शेड्यूल में अभी कई टूर्नामेंट्स शेष हैं, इसलिए सीजन भर चलने वाली खिताबी लड़ाई में हर इवेंट और भी अहम हो जाता है। पीआईएफ लंदन चैंपियनशिप खिलाड़ियों को सीजन के आखिरी दौर से पहले जरूरी प्वाइंट्स हासिल करने का एक शानदार मौका देती है।
--आईएएनएस
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