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गोकुल मिल्क यूनियन चुनाव राजनीति नहीं , बल्कि दूध उत्पादकों के हितों की लड़ाई: शौमिका महादिक

कोल्हापुर, 22 सितंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के बहुचर्चित गोकुल मिल्क यूनियन चुनाव को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा ने इस चुनाव में सभी 25 सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल कर दिए हैं। इस बीच गोकुल मिल्क यूनियन की डायरेक्टर शौमिका महादिक ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से खास बातचीत में चुनाव को लेकर पार्टी का पक्ष रखा और कहा कि यह चुनाव उनके लिए सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि लाखों दूध उत्पादक किसानों के हितों की लड़ाई है।
 

कोल्हापुर, 22 सितंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के बहुचर्चित गोकुल मिल्क यूनियन चुनाव को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा ने इस चुनाव में सभी 25 सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल कर दिए हैं। इस बीच गोकुल मिल्क यूनियन की डायरेक्टर शौमिका महादिक ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से खास बातचीत में चुनाव को लेकर पार्टी का पक्ष रखा और कहा कि यह चुनाव उनके लिए सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि लाखों दूध उत्पादक किसानों के हितों की लड़ाई है।

शौमिका महादिक ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत भाजपा ने नामांकन दाखिल किया है। गोकुल हमारे लिए सिर्फ एक सरकारी संस्था नहीं है। यह कोल्हापुर जिले के लाखों किसान और दूध उत्पादकों के विश्वास, उनकी मेहनत और उनके वर्षों के योगदान से खड़ी हुई एक संस्था है। इसका प्रतिनिधित्व करना सिर्फ हमारे लिए राजनीतिक विषय नहीं है या राजनीतिक प्रतिष्ठा की बात नहीं है, बल्कि इनके हित में निर्णय होना, इनकी आर्थिक मजबूती देना और इनको एक पारदर्शी कामकाज देना भी हमारी जिम्मेदारी बनती है और यही विचार करके हम सभी ने अपना नामांकन दाखिल किया है।"

महायुति के भीतर सीट-शेयरिंग को लेकर चल रही चर्चाओं पर शौमिका महादिक ने कहा कि अभी किसी अंतिम आंकड़े पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। सीटों के बंटवारे को लेकर हर एक स्तर पर चर्चा शुरू है तो कोई भी आंकड़ा बताकर उसको अंतिम घोषित कर देना उचित नहीं होगा। मुझे इतना विश्वास है कि जितने भी राजनीतिक दल और घटक पक्ष हमारे साथ हैं, उनको सम्मानजनक प्रतिनिधित्व मिलेगा। हर एक की अपनी ताकत है, उस ताकत के अनुसार जिले का पूरा संतुलन और तालुका का क्षेत्रीय संतुलन ध्यान में रखते हुए इसका बंटवारा जरूर होगा।

चुनाव के निर्विरोध होने की चर्चाओं पर भी उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दी। जब उनसे पूछा गया कि निर्विरोध चुनाव को लेकर चर्चा चल रही है, क्या यह सही है तो उन्होंने कहा, "जब चर्चा शुरू हुई तो यह चर्चा दूध उत्पादक किसानों की तरफ से और सभासदों की तरफ से हुई। तो मैंने सिर्फ उनकी भावना सामने रखने की कोशिश की।"

उन्होंने कहा कि अगर सभी पक्षों की सहमति से कोई गंभीर पहल होती है तो मुझे लगता है कि चर्चा के मार्ग खुले रखने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। आखिर में जो भी होना है, वह संघ की मजबूती के लिए होना है और दूध उत्पादक भाई-बहनों के हित में होना है।

उन्होंने कहा कि जब वे प्रचार के लिए गांव-गांव जाती हैं तो किसानों की इच्छा होती है कि चुनाव निर्विरोध हो। शौमिका महादिक ने कहा, "मैंने जैसे आपको बताया, जब हम प्रचार के लिए सब जगह पर जाते हैं, तो वहां से लोगों की यह इच्छा है कि अगर निर्विरोध होता है तो राजनीतिक संघर्ष कम होगा। यह राजनीतिक संघर्ष सिर्फ चुनाव में नहीं होगा, वह गांव-गांव में होगा। तो अगर वह कम होता है तो वे भी खुश हैं। अगर उनके हित में निर्णय होता है और संस्था के हित में निर्णय होता है तो मुझे लगता है कि एक व्यापक निर्णय लेने में कोई गलत बात नहीं होगी।"

--आईएएनएस

एसएके/वीसी