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गोकुल मिल्क यूनियन चुनाव में किसानों के फैसले को पलटने की कोशिश कर रही सरकार: नसीम खान

मुंबई, 5 नवंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता नसीम खान ने गोकुल मिल्क यूनियन चुनावों के बाद पैदा हुए विवाद को लेकर भाजपा और महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की संस्था पर कब्जा बनाए रखने के लिए सरकार गैर-कानूनी तरीके अपना रही है। इसके अलावा, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राहुल गांधी की ओर से दी जा रही खुली बहस की चुनौती और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की सनातन धर्म और हिंदुत्व को लेकर की गई टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी।
 

मुंबई, 5 नवंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता नसीम खान ने गोकुल मिल्क यूनियन चुनावों के बाद पैदा हुए विवाद को लेकर भाजपा और महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की संस्था पर कब्जा बनाए रखने के लिए सरकार गैर-कानूनी तरीके अपना रही है। इसके अलावा, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राहुल गांधी की ओर से दी जा रही खुली बहस की चुनौती और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की सनातन धर्म और हिंदुत्व को लेकर की गई टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी।

गोकुल मिल्क यूनियन चुनावों पर राहुल गांधी के सवाल के संबंध में नसीम खान ने कहा कि राहुल गांधी ने बिल्कुल सही मुद्दा उठाया है। इस संस्था से साढ़े पांच लाख से अधिक किसान जुड़े हैं और बड़ी संख्या में लोगों का जीवन-यापन इससे चलता है। चुनाव में कांग्रेस समर्थित पैनल को भारी जीत मिली और बहुमत हासिल हुआ, जबकि भाजपा समर्थित पैनल को किसानों और मतदाताओं ने बुरी तरह पराजित किया। खान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस समर्थित पैनल को संस्था का गठन करने से रोकने के लिए सरकार ने ऐसा कदम उठाया है, जिसे गैर-कानूनी कहा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने संस्था में चार निदेशकों को वोट देने का अधिकार दे दिया है और चार सदस्यों को सरकार की ओर से नियुक्त किया जाएगा। उनके अनुसार, इस व्यवस्था के जरिए सरकार संस्था पर दोबारा नियंत्रण हासिल करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पूरे देश में विभिन्न संस्थाओं पर अपना कब्जा जमाना चाहती है और उन्हें कुछ मुट्ठीभर लोगों के हाथों में देना चाहती है। खान ने कहा कि गोकुल किसानों की संस्था है और उनके जीवन-यापन का महत्वपूर्ण आधार है। किसानों ने भाजपा के खिलाफ मतदान करके अपना फैसला सुना दिया है। सरकार के इस कदम के खिलाफ किसान और मतदाता आने वाले समय में उन्हें जवाब देंगे।

प्रधानमंत्री मोदी को राहुल गांधी की ओर से लगातार खुली बहस की चुनौती दिए जाने और अमित शाह के संसद में बहस करने के बयान पर भी नसीम खान ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब पिछले लोकसभा सत्र में विपक्ष और राहुल गांधी बार-बार सरकार से सवालों के जवाब मांग रहे थे, तब प्रधानमंत्री और गृह मंत्री संसद में मौजूद नहीं थे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री संसद से दूर रहे और विपक्ष के सवालों का जवाब देने से बचते रहे।

नसीम खान ने कहा कि संसद का पूरा सत्र इस तरह निकल गया और सरकार ने विपक्ष की मांगों पर जवाब नहीं दिया। भाजपा राहुल गांधी और विपक्ष से डरती है, क्योंकि राहुल गांधी सरकार के भ्रष्टाचार को उजागर कर रहे हैं और देश के लोगों को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। भाजपा राहुल गांधी के सवालों का जवाब देने के बजाय अनाप-शनाप बयान दे रही है। नसीम खान के अनुसार, विपक्ष की आवाज और राहुल गांधी के सवालों से भाजपा घबराई हुई है।

दिग्विजय सिंह की सनातन धर्म और हिंदुत्व को लेकर टिप्पणी पर नसीम खान ने कहा कि देश में हिंदुत्व का नारा भाजपा और आरएसएस ने शुरू किया। दोनों संगठन हिंदुत्व की बात राजनीतिक लाभ और स्वार्थ के लिए करते रहे हैं। हिंदुत्व का नाम राजनीतिक उद्देश्य से लिया जाता है, जबकि असली धर्म सनातन धर्म है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को सनातन धर्म की वास्तविक बातों से दूर रखा जा रहा है, ताकि राजनीतिक स्वार्थ पूरा किया जा सके।

--आईएएनएस

पीएसके