गोवा ड्रग तस्करी मामले में ईडी का एक्शन, पांच अन्य आरोपियों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल
पणजी, 19 सितंबर (आईएएनएस)। गोवा में ड्रग तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कार्रवाई की। ईडी के पणजी जोनल ऑफिस ने शुक्रवार को उत्तर गोवा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पीएमएलए के तहत विशेष कोर्ट) के सामने सप्लीमेंट्री अभियोजन शिकायत दाखिल की।
यह शिकायत निहाल वडक्कनचेरी नाजर, प्रसोभ पीके., अल्फिन थॉमस, धीरज मैथ्यूज और निशांत प्रताप के खिलाफ दाखिल की गई है। इन्हें आरोपी नंबर 8 से 12 बनाया गया है। इन पर मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट 2002 की धारा 44 और 45 के तहत केस दर्ज किया गया है। यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग की धारा 3 के तहत अपराध और धारा 4 के तहत सजा से जुड़ा है।
यह सप्लीमेंट्री चार्जशीट 16 मार्च को दाखिल की गई मुख्य चार्जशीट के आगे की कार्रवाई है। यह पूरा मामला 13 फरवरी 2025 का है।
इससे पहले ईडी ने 16 मार्च 2026 को 7 आरोपियों (आरोपी नंबर 1 से 7) के खिलाफ मुख्य चार्जशीट दाखिल की थी। उसमें बताया गया था कि संगठित अंतरराज्यीय और सीमापार नशीली दवाओं की तस्करी के जरिए करीब 3.96 करोड़ रुपए की अपराध से कमाई की गई।
आगे की जांच में 5 और आरोपियों की भूमिका सामने आई। इन पर अपराध से कमाई का आरोप है, जिसमें सीमा पार क्रिप्टोकरेंसी में बदलना भी शामिल है। ईडी ने यह जांच गोवा के एंटी-नारकोटिक सेल, पुलिस स्टेशन नॉर्थ गोवा द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। यह एफआईआर 15 अक्टूबर 2024 को मधुपन सुरेश शशिकला के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट 1985 के तहत दर्ज की गई थी।
जांच में पता चला कि मधुपन एस.एस. ने 2016 से संगठित तरीके से अंतरराज्यीय और सीमा पार नशीली दवाओं की तस्करी कर करीब 3.96 करोड़ रुपए की अवैध कमाई की। इस पैसे के एक हिस्से को बैंकिंग चैनलों के जरिए घुमाया गया और दुबई भेजा गया, जहां इसे क्रिप्टोकरेंसी में बदला गया। इसके बाद इस क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल डार्क वेब के जरिए नशीली दवाएं खरीदने के लिए किया गया।
जांच के दौरान सप्लीमेंट्री चार्जशीट में जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई है, उनसे जुड़ी अपराध की कमाई की रकम भी तय की गई है। जांच में अनम चरण प्रधान (आरोपी नंबर 2) के पास 9,39,250 रुपए और उत्तम चंद (आरोपी नंबर 3) के पास 17.48 लाख रुपए की अपराध से कमाई का पता चला।
इसके बाद 16 सितंबर 2026 को अनम चरण प्रधान की 9,39,250 रुपए और उत्तम चंद की 17.48 लाख रुपए के बराबर अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच कर दी गईं।
ईडी ने कहा कि वह ड्रग तस्करी नेटवर्क को खत्म करने और उसके वित्तीय ढांचे को तोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। यह कार्रवाई 'नशा मुक्त भारत अभियान' के बड़े राष्ट्रीय लक्ष्य का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भारत को नशा मुक्त बनाना है। ईडी ने कहा कि वह अवैध ड्रग व्यापार और मनी लॉन्ड्रिंग से बनी सभी संपत्तियों को ट्रेस करने, पहचानने और अटैच करने के लिए दृढ़ है। मामले में आगे की जांच जारी है।
--आईएएनएस
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