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गोवा क्राइम ब्रांच ने अंतर्राज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का किया भंडाफोड़, उत्तर प्रदेश से मुख्य सप्लायर गिरफ्तार

गोवा, 1 जून (आईएएनएस)। गोवा पुलिस की क्राइम ब्रांच ने संगठित नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक अंतर्राज्यीय ड्रग सप्लाई नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। इस कार्रवाई के तहत उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से नेटवर्क के मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी गोवा में तीन नेपाली नागरिकों की गिरफ्तारी के बाद शुरू हुई विस्तृत जांच का परिणाम है।
 
गोवा क्राइम ब्रांच ने अंतर्राज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का किया भंडाफोड़, उत्तर प्रदेश से मुख्य सप्लायर गिरफ्तार

गोवा, 1 जून (आईएएनएस)। गोवा पुलिस की क्राइम ब्रांच ने संगठित नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक अंतर्राज्यीय ड्रग सप्लाई नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। इस कार्रवाई के तहत उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से नेटवर्क के मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी गोवा में तीन नेपाली नागरिकों की गिरफ्तारी के बाद शुरू हुई विस्तृत जांच का परिणाम है।

जानकारी के अनुसार, क्राइम ब्रांच ने विशेष खुफिया सूचना के आधार पर मांडवी पुल के नीचे स्थित बेतिम जेटी के पास थोक मछली बाजार क्षेत्र में छापेमारी की। इस दौरान नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी में शामिल दो नेपाली नागरिकों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने लगभग 39.88 ग्राम हेरोइन बरामद की, जिसकी अनुमानित कीमत 8.88 लाख रुपए आंकी गई है। इसके अलावा एक स्कूटर और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। इस संबंध में एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की धारा 21(बी) और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अर्जुन बिस्वकर्मा (36) और चेतकंत ओली (25) के रूप में हुई। जांच के दौरान क्राइम ब्रांच ने एक अन्य नेपाली नागरिक नरिशोर भंडारी को भी गिरफ्तार किया।

पूछताछ, डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण तथा वित्तीय लेन-देन की जांच से एक संगठित ड्रग सप्लाई नेटवर्क का खुलासा हुआ, जो भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र से गोवा तक संचालित हो रहा था। जांच में सामने आया कि आरोपी मोबाइल फोन के माध्यम से उत्तर प्रदेश के बहराइच स्थित सप्लायर को हेरोइन के ऑर्डर देते थे। भुगतान ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल माध्यमों से किया जाता था। भुगतान की पुष्टि के बाद सप्लायर गोवा-रूपईडीहा बस सेवा के जरिए पार्सल में प्रतिबंधित पदार्थ भेजता था। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रूपईडीहा इस नेटवर्क का प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट था।

वित्तीय और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मुख्य सप्लायर की पहचान बहराइच निवासी एकलाक अहमद उर्फ मन्ना मलिक के रूप में की। जांच में यह भी सामने आया कि उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, आर्म्स एक्ट तथा मादक पदार्थों से जुड़े कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

क्राइम ब्रांच ने उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के सहयोग से संयुक्त अभियान चलाकर बहराइच में मन्ना मलिक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से भारत-नेपाल सीमा के रास्ते संचालित बड़े ड्रग नेटवर्क के महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान, नशीले पदार्थों के स्रोत और वित्तीय संबंधों की जांच जारी है।

इस अभियान का नेतृत्व क्राइम ब्रांच के महेश गाडेकर, माधव नाइक, कल्पेश तोरास्कर तथा क्रितेश किनालकर ने किया। पूरी कार्रवाई एसपी जीवबा दलवी की निगरानी तथा क्राइम ब्रांच के पुलिस अधीक्षक राहुल गुप्ता (आईपीएस) के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। गोवा पुलिस ने कहा कि संगठित ड्रग तस्करी के खिलाफ ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

--आईएएनएस

एसएके/डीकेपी