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एसआईआर प्रक्रिया रही पारदर्शी, 97 छूटे मतदाताओं का घर-घर सर्वे, पात्र लोगों के नामजोड़े गए: गोवा सीईओ

पणजी, 25 सितंबर (आईएएनएस)। गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) डॉ. संजय गोयल ने राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर कहा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से की गई। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें की गईं और संबंधित सूचियां भी मतदान केंद्रों पर प्रदर्शित की गईं।
 

पणजी, 25 सितंबर (आईएएनएस)। गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) डॉ. संजय गोयल ने राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर कहा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से की गई। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें की गईं और संबंधित सूचियां भी मतदान केंद्रों पर प्रदर्शित की गईं।

डॉ. गोयल के मुताबिक, एसआईआर के दौरान एएसडीडी और तार्किक विसंगतियों (लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी) से संबंधित सूचियां मतदान केंद्रों पर लगाई गई थीं, ताकि संबंधित मतदाताओं और अन्य पक्षों को इसकी जानकारी मिल सके।

उन्होंने कहा कि अंतिम मतदाता सूची जारी किए सात महीने से अधिक समय बीत चुके हैं। इस दौरान प्राप्त अपीलों का निपटारा भी किया जा चुका है।

फाइनल वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हो पाए 97 लोगों के मामले पर डॉ. गोयल ने कहा कि बाद में घर-घर सर्वे के जरिए इन लोगों को कवर किया गया। इनमें जो लोग योग्य पाए गए, उनके लिए फॉर्म-6 भरवाया गया और प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके नाम मतदाता सूची में जोड़े गए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि योग्य मतदाताओं के लिए फॉर्म-6 भरकर अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने की व्यवस्था अब भी उपलब्ध है। इसके अलावा निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपील करने का विकल्प भी मौजूद है।

इससे पहले गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने जानकारी दी थी कि फरवरी 2026 में प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए 97 मामलों पर अलग से कार्रवाई की गई।

ये मामले ऐसे मतदाताओं से जुड़े थे, जिन्हें निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) ने योग्य पाया था, लेकिन उनके नाम फाइनल मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके थे।

इसके बाद संबंधित बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने घर-घर जाकर इन मामलों की जांच की और पात्र लोगों से फॉर्म-6 भरवाने की प्रक्रिया पूरी कराई। इनमें से कई योग्य मतदाताओं के नाम बाद में मतदाता सूची में शामिल कर लिए गए।

इस मामले में पहले यह स्पष्टीकरण भी सामने आया था कि सॉफ्टवेयर से जुड़ी तकनीकी समस्या के कारण 97 मतदाताओं के नाम अंतिम सूची में शामिल नहीं हो पाए थे। बताया गया था कि सॉफ्टवेयर में पहले किए जा चुके डिलीशन को वापस लेने की सुविधा नहीं होने के कारण यह स्थिति पैदा हुई थी।

बैकग्राउंड जानकारी के मुताबिक, गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने से पहले इस तकनीकी समस्या को ठीक कराने के लिए कई बार पत्राचार भी किया गया था।

अब मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जोर देकर कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया पारदर्शी रही और विभिन्न चरणों में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी इसकी जानकारी दी गई। साथ ही, पात्र मतदाताओं के लिए फॉर्म-6 और अपील की प्रक्रिया उपलब्ध है।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी