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गिरिराज सिंह का बड़ा बयान- बंगाल में टीएमसी को मिलेगी करारी हार, असम में हिमंत बिस्वा सरमा की वापसी का दावा

पटना, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने दावा किया है कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की करारी हार होगी और असम में हिमंत बिस्वा सरमा फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे।
 
गिरिराज सिंह का बड़ा बयान- बंगाल में टीएमसी को मिलेगी करारी हार, असम में हिमंत बिस्वा सरमा की वापसी का दावा

पटना, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने दावा किया है कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की करारी हार होगी और असम में हिमंत बिस्वा सरमा फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे।

समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि इस बार केरल, असम और पुडुचेरी में इतना मतदान प्रतिशत रहा, इतिहास में उतने वोट कभी नहीं पड़े।

उन्होंने कहा, "केरल, असम और पुडुचेरी का मतदान प्रतिशत बताता है कि चुनाव आयोग का एसआईआर गलत मतदाताओं को सूची से बाहर करने में सफल हुआ है। इस बार पात्र मतदाताओं ने अपने मत का इस्तेमाल किया, जिससे वोटिंग प्रतिशत बढ़ा। यह पीएम मोदी के प्रति विश्वास, भारत सरकार के विकास और डबल इंजन सरकार का वोट है।"

पश्चिम बंगाल में 91 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए जाने पर गिरिराज सिंह ने कहा कि इस बार पश्चिम बंगाल में टीएमसी को बुरी तरह हार मिलेगी। इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि असम में हिमंत बिस्वा सरमा डंके की चोट पर चुनाव जीतकर फिर से मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं।

महिला आरक्षण विधेयक पर विपक्षी दलों की ओर से सकारात्मक संकेत नहीं मिलने पर गिरिराज सिंह ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच है कि 2047 तक भारत को सशक्त देश बनाने में हमारे यहां की आधी आबादी यानी महिलाओं का भागेदारी होनी चाहिए। मुझे उम्मीद है कि तीन दिन के सत्र के दौरान सभी राजनीतिक पार्टियां एकजुट होकर महिला आरक्षण विधेयक पर बहुमत से पास कराएंगी।"

उन्होंने यह भी कहा कि 2014 से पहले कांग्रेस के शासन में 22 हजार करोड़ बैंक लिंकेज था और सवा दो करोड़ के करीब 'जीविका दीदी' थीं। आज साढ़े 10 करोड़ महिलाएं बैंक से जुड़ी हैं और 12 लाख करोड़ का बैंक लिंकेज है। यह बताता है कि प्रधानमंत्री मोदी की सोच महिला सशक्तिकरण की ओर है। आर्थिक सशक्तिकरण के साथ राजनीतिक और सामाजिक सशक्तिकरण चुनाव के दौरान ही हो सकता है।

गिरिराज सिंह ने कहा, "अगर एससी-एसटी के लिए सीटें आरक्षित नहीं होतीं, तो वे जीत कर नहीं आ पाते। इसी तरह से महिलाओं के लिए आरक्षण जरूरी है।"

--आईएएनएस

डीसीएच/