Aapka Rajasthan

जनरल धीरज सेठ ने एशियन गेम्स 2026 में मेडल जीतने वाले भारतीय सेना के खिलाड़ियों को किया सम्मानित, बोले- देश इनकी उपलब्धियों को रखेगा याद

नई दिल्ली, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने सोमवार को एशियन गेम्स 2026 में देश के लिए मेडल लाने वाले सेना के खिलाड़ियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि देश इन खिलाड़ियों की उपलब्धियों को याद रखेगा। इसके साथ ही सेना प्रमुख ने उम्मीद जताई कि भविष्य में यह एथलीट और भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
 

नई दिल्ली, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने सोमवार को एशियन गेम्स 2026 में देश के लिए मेडल लाने वाले सेना के खिलाड़ियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि देश इन खिलाड़ियों की उपलब्धियों को याद रखेगा। इसके साथ ही सेना प्रमुख ने उम्मीद जताई कि भविष्य में यह एथलीट और भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे।

खिलाड़ियों को सम्मानित करने के बाद धीरज सेठ ने कहा, "आज का दिन मेरे लिए बहुत खुशी का दिन रहा है, क्योंकि मैंने पिछले आधे घंटे हमारे बेहतरीन खिलाड़ियों के साथ बिताए हैं। मैं यह कहना चाहता हूं कि जिस तरह सेना उसी जज्बे के साथ देश की रक्षा करती है, उसी तरह इन खिलाड़ियों ने दिखाया है कि लगन, कड़ी मेहनत और उसी जज्बे से क्या कुछ हासिल किया जा सकता है। देश उनकी उपलब्धियों को याद रखेगा, और मुझे यकीन है कि आने वाले वर्षों में उनके प्रदर्शन का स्तर और भी बेहतर होगा। मैं आज यहां मौजूद खिलाड़ियों को उनकी लगन और कड़ी मेहनत के लिए बधाई देना चाहता हूं। चाहे एशियाई स्तर हो या कॉमनवेल्थ गेम्स, इस स्तर पर मेडल जीतना कोई छोटी उपलब्धि नहीं है, और उन्होंने इसे हासिल किया है।"

एशियन गेम्स में शूटिंग में तीन मेडल जीतने वाली नीरू ढांडा ने आईएएनएस के साथ बात करते हुए कहा कि यह मेडल जीतना उनके लिए सौभाग्य की बात है। नीरू ने अपनी सफलता का श्रेय भारतीय सेना के अनुशासन को दिया। उन्होंने कहा कि इसी अनुशासन के चलते ही वह यहां तक पहुंच सकी हैं। नीरू ने कहा कि शूटिंग के खेल में खुद को शांत और एकाग्र रखना होता है। उन्होंने यह चीजें सेना में रहते हुए सीखी हैं।

उन्होंने कहा कि यहां तक पहुंचने के लिए वर्षों की मेहनत लगी है। नीरू ने कहा, "मैं भारतीय सेना में यह तीन मेडल जीतकर छोटा सा ही योगदान दे सकी हूं।" नीरू ने बताया कि सेना प्रमुख धीरज सेठ हमेशा ही खिलाड़ियों को मोटिवेट करते हैं और खेल में अपना 110 प्रतिशत देने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। सेना प्रमुख ने खेल का आनंद लेने की सलाह दी और मेडल जीतकर देश के लिए योगदान देने की बात कही।

एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले भारतीय रेसलर दीपक पूनिया ने माना कि एशियन गेम्स में खेलना और मेडल जीतना बिल्कुल भी आसान नहीं होता है। दीपक ने बताया कि उनका लक्ष्य 2028 में होने वाले ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतना है। सेना प्रमुख द्वारा सम्मानित किए जाने से सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा मिली है। सेना प्रमुख से मिली सकारात्मक ऊर्जा उनके लिए ओलंपिक की तैयारियों में बेहद काम आएगी।

एशियन गेम्स में 3 मेडल जीतने वाले गुलवीर सिंह ने कहा कि देश के लोगों द्वारा की गई छोटी-छोटी दुआएं भी उनके बेहद काम आती हैं। सभी के आशीर्वाद के चलते वह सफलता हासिल कर सके हैं। गुलवीर ने कहा कि तैयारियों के लिए वह कोच के दिशानिर्देशों को फॉलो करते हैं।

भारतीय एथलीट ने बताया कि सेना प्रमुख ने आगे ओलंपिक में भी दमदार प्रदर्शन करने को कहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना हमारे लिए इतना कुछ करती है, ऐसे में हमारी भी उनके प्रति कुछ जिम्मेदारी बनती है। सेना का ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट पुणे में स्थित है, जहां हर तरह की सुविधा मौजूद है।

वहीं, शूटिंग में गोल्ड जीतने वाले कमलजीत ने बताया कि सफलता के लिए निरंतरता के साथ प्रैक्टिस बेहद जरूरी है। भारतीय सेना प्रमुख ने कहा कि ओलंपिक 2028 में भी उन्हें देश के लिए इसी तरह से गोल्ड मेडल लेकर आना है।

--आईएएनएस

एसएम/एबीएम