गर्मियों में अमृत है लौकी का जूस, जान लें बस सेवन का सही तरीका
नई दिल्ली, 3 मार्च (आईएएनएस)। गर्मियों के मौसम की शुरुआत के साथ ही ठंडा और ताजगी से भरा जूस पीने का मन करता है, लेकिन हर फल का जूस सेहत के लिए अच्छा हो, यह जरूरी नहीं है।
मौसमी या अनार का जूस भी रक्त में शर्करा की मात्रा को बढ़ा देता है, क्योंकि सारा फाइबर छलनी में रह जाता है। फलों के बदले गर्मियों में लौकी के जूस का सेवन करना लाभकारी होगा, क्योंकि न तो यह रक्त में शुगर की मात्रा को बढ़ाता है और इसमें फाइबर भी भरपूर होता है।
आमतौर पर लौकी का नाम सुनते ही लोग मुंह बना लेते हैं, लेकिन इसकी सब्जी से लेकर थेपले और जूस भी पौष्टिक गुणों से भरपूर होते हैं। सरल दिखने वाला यह पेय शरीर और हृदय के लिए गहराई से कार्य करता है। आयुर्वेद में लौकी को शीतल, लघु और पित्तशामक माना गया है। यह शरीर की अतिरिक्त गर्मी को शांत करता है, पाचन को संतुलित करता है और आंतरिक शुद्धि में सहायक होता है। वहीं विज्ञान के दृष्टिकोण से देखें तो लौकी में लो-कैलोरी और पोटेशियम और खूब सारा पानी होता है जो हृदय स्वास्थ्य और रक्तचाप संतुलन में सहयोगी भूमिका निभाता है। हालांकि जूस के सेवन का समय भी स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।
अब जानते हैं कि कैसे लौकी का जूस घर में आसानी से बना सकते हैं। सबसे पहले ऐसी लौकी का चुनाव करें जो छोटी और ताज़ा हो। कई बार लौकी स्वाद में कड़वी भी निकल आती है। ऐसे में जांच करके ही चुनाव करें। लौकी को छीलकर मोटा-मोटा काट लें और इसमें दो टुकड़े खीरा, थोड़ा सा पुदीना और नींबू का रस मिलाएँ। इससे लौकी के जूस का स्वाद भी बढ़ जाएगा और पौष्टिक तत्व भी बने रहेंगे। जूस को रखें नहीं, जब पीना हो तभी निकाले क्योंकि यह बहुत जल्दी काला होकर खराब हो जाता है।
लौकी के जूस का सेवन अगर सुबह ही किया जाए, तभी बेहतर है। सुबह लौकी के जूस का सेवन करने से शरीर डिटॉक्स होता है और सारी गंदगी बाहर निकल जाती है। यह पाचन अग्नि को तेज करता है और मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करने का भी काम करता है। लौकी के जूस के नियमित सेवन से कब्ज, गैस और पेट फूलने की परेशानी भी कम होती है और भारीपन और सुस्ती से भी राहत मिलती है।
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