गर्मियों की एनर्जी ड्रिंक गन्ने का रस : सेहत के लिए रामबाण, इम्युनिटी बढ़ाने में कारगर
नई दिल्ली, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। गर्मियों के मौसम में जब तेज धूप और गर्मी से शरीर थकान महसूस करता है, तब गन्ने का रस सबसे अच्छा प्राकृतिक पेय साबित होता है। औषधीय गुणों से भरपूर ये ठंडा रस शरीर को न केवल तुरंत एनर्जी देता है, बल्कि सेहत का भी ध्यान रखता है।
आयुर्वेद में गन्ने के रस को सदियों से विभिन्न बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल किया जा रहा है। गन्ने का रस शरीर को तरोताजा करने के साथ-साथ आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है। यह लिवर की कार्यक्षमता बढ़ाता है, पाचन तंत्र को सुधारता है और पीलिया जैसी बीमारी में राहत पहुंचाता है।
हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, गन्ने का रस एक नेचुरल डिटॉक्स ड्रिंक है जो शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। यह क्षारीय पेय होने के कारण इम्युनिटी बढ़ाने और रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने में भी सहायक है।
गन्ने के रस से सिर्फ चीनी ही नहीं, बल्कि गुड़, शीरा जैसे कई उपयोगी उत्पाद भी बनते हैं। आयुर्वेद में गन्ने के रस को मूत्रवर्धक, शीतलक, रेचक और टॉनिक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। यह पेशाब में जलन, पेशाब न आने की समस्या और रक्तस्राव में भी राहत देता है। यूनानी चिकित्सा में इसे पीलिया के मरीजों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद माना जाता है। आधुनिक अध्ययनों में भी गन्ने में सूजन-रोधी, दर्द निवारक और लिवर की रक्षा करने वाले गुण पाए गए हैं।
गर्मियों में गन्ने का रस पीने से शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलती है और गर्मी से होने वाली थकान दूर होती है। इसमें मौजूद मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स तनाव कम करने में मददगार है।
विशेषज्ञों का सुझाव है कि गन्ने का ताजा और शुद्ध रस ही पीना चाहिए। बाजार में मिलने वाले मिलावटी रस से बचें। गन्ने का रस नींबू या अदरक के साथ मिलाकर पीने से इसके फायदे और बढ़ जाते हैं। गन्ना न सिर्फ मीठा पेय है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए एक प्राकृतिक औषधि भी है। गर्मी के मौसम में नियमित रूप से इसके रस का सेवन करने से शरीर स्वस्थ और ऊर्जावान बना रहता है। हालांकि, डायबिटीज के मरीजों को सावधानी बरतनी चाहिए।
--आईएएनएस
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