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गणेशोत्सव से पहले पेन में बढ़ा कारोबार, 70 लाख मूर्तियां बिकीं, विदेशों में भी भारी मांग

रायगढ़, 10 सितंबर (आईएएनएस)। गणेशोत्सव को लेकर महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के पेन शहर में इस साल रिकॉर्ड कारोबार हुआ है। इस साल पेन में अब तक 70 लाख से ज्यादा गणेश मूर्तियां बिकी हैं, जिनमें से 15 से 20 लाख मूर्तियां विदेशों में भेजी गई हैं। कच्चे माल की लागत बढ़ने से कीमतों में 15 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बावजूद बाजार में मांग में कोई कमी नहीं देखी गई।
 

रायगढ़, 10 सितंबर (आईएएनएस)। गणेशोत्सव को लेकर महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के पेन शहर में इस साल रिकॉर्ड कारोबार हुआ है। इस साल पेन में अब तक 70 लाख से ज्यादा गणेश मूर्तियां बिकी हैं, जिनमें से 15 से 20 लाख मूर्तियां विदेशों में भेजी गई हैं। कच्चे माल की लागत बढ़ने से कीमतों में 15 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बावजूद बाजार में मांग में कोई कमी नहीं देखी गई।

पेन को गणपति मूर्तियों का गढ़ माना जाता है। यहां के कुम्हारों द्वारा बनाई गई मूर्तियां न सिर्फ महाराष्ट्र बल्कि पूरे विदेशों में भी भेजी जाती हैं। एक मूर्ति विक्रेता ने आईएएनएस को बताया, "यहां बनी मूर्तियां देश भर में भेजी जाती हैं और अमेरिका, दुबई और वेस्टइंडीज जैसी जगहों पर भी निर्यात की जाती हैं। निर्यात का काम जनवरी में शुरू होकर जून तक चलता है, जिसके बाद स्थानीय मांग पर ध्यान दिया जाता है।"

विक्रेता के अनुसार, पेन में गणेश मूर्ति बनाने का व्यवसाय सैकड़ों साल पुराना है। यहां करीब 500 से ज्यादा कारखाने हैं जहां हजारों कारीगर साल भर मूर्तियां बनाने का काम करते हैं। इस साल खास बात यह रही कि कपड़े से बनी गणेश मूर्तियां लोगों के बीच काफी लोकप्रिय रही हैं। डाइमंट वर्क वाली मुर्तियों की भी काफी मांग है। महिला कारीगर द्वारा ही कपड़े और स्टोन का काम किया जाता है। जैसे-जैसे गणेश चतुर्थी नजदीक आ रही है, मूर्तियों की मांग बढ़ती ही जा रही है।

एक अन्य विक्रेता ने कहा कि अब मूर्तियों की मांग इतना ज्यादा बढ़ गई है कि हमें उसे पूरा भी नहीं कर पा रहे हैं। हमारे पास जितनी मुर्तियां तैयार की गई थी उसमें से 90 प्रतिशत पहले ही बिक चुकी है और अब 10 प्रतिशत ही बचा हुआ है। उन्होंने बताया कि विदेशों में हमारी कपड़े और डायमंड वाली मुर्तियों की ही अधिक मांग है। वो लोग उसके लिए अच्छी-खासी कीमत भी देने को तैयार रहते हैं। इसके अलावा, तमिल नाडू, केरल, कर्नाटक जैसे जिलों में भी हमारी गणेश की मुर्तियों की काफी मांग है।

महाराष्ट्र के नंदुरबार में गणेश जी की एक लाख से ज्यादा मूर्तियां तैयार हैं। यहां गणेश जी की मूर्तियों की लगभग 22 से 24 दुकानें हैं। मूर्ति खरीदने आए एक व्यक्ति ने बताया कि यहां काफी बढ़ी मूर्तियां बनती हैं इसलिए यहां से ही हम गणेश जी की मूर्ति लेकर जाते हैं।

वहीं, गुजरात के साबरकांठा के कुकड़िया गांव की ग्रामीण महिलाएं प्राकृतिक मिट्टी और रंगों का इस्तेमाल करके इको-फ्रेंडली गणेश मूर्तियां बना रही हैं, जिससे पर्यावरण की सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल रहा है

-- आईएएनएस

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