गणेशोत्सव पर कोंकण जाने वाले भक्तों को बड़ी राहत, महाराष्ट्र सरकार ने दी टोलमाफी
मुंबई, 8 सितंबर (आईएएनएस)। गणेशोत्सव के मौके पर कोंकण जाने वाले लाखों गणेश भक्तों के लिए महाराष्ट्र सरकार ने बड़ी खुशखबरी दी है। सरकार ने गणेश भक्तों के वाहनों को टोल टैक्स से पूरी तरह छूट देने का फैसला किया है। लोक निर्माण मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोंसले ने इस संबंध में जानकारी दी है।
सरकार द्वारा जारी शासन परिपत्रक के अनुसार, यह टोलमाफी 11 सितंबर 2026 से 27 सितंबर 2026 तक लागू रहेगी। इस अवधि में मुंबई-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 48, मुंबई-गोवा राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 66 और लोक निर्माण विभाग व महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल के अधीन कोंकण की ओर जाने वाले सभी संबंधित मार्गों पर स्थित टोल नाकों पर भक्तों को टोल नहीं देना होगा। इसके अलावा नगर विकास विभाग के अधीन अटल बिहारी वाजपेयी शिवडी-न्हावा शेवा अटल सेतु के रास्ते कोंकण जाने वाले वाहनों को भी इस टोलमाफी का लाभ मिलेगा।
गणेशोत्सव महाराष्ट्र के सांस्कृतिक और सामाजिक जीवन का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है। मुंबई, ठाणे, पुणे और राज्य के अन्य बड़े शहरों में रहने वाले हजारों परिवार हर साल बप्पा के स्वागत के लिए अपने मूल गांव कोंकण जाते हैं। इस दौरान मुंबई-गोवा हाईवे सहित कोंकण की ओर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर वाहनों की भारी भीड़ देखने को मिलती है।
भक्तों की यात्रा को अधिक सुगम, सुरक्षित और आनंददायक बनाने और उन्हें आर्थिक बोझ से राहत देने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश और लोक निर्माण मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोंसले के मार्गदर्शन में लोक निर्माण विभाग ने 8 सितंबर 2026 को इस संबंध में आधिकारिक परिपत्रक जारी कर दिया है।
सरकार ने इस निर्णय को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पुलिस, यातायात पुलिस, क्षेत्रीय परिवहन विभाग (आरटीओ) और महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन महामंडल (एमएसआरटीसी) को आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश दिए हैं।
टोलमाफी का लाभ लेते समय भक्तों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए सरकार ने विशेष व्यवस्था की है। ‘गणेशोत्सव 2026 - कोंकण दर्शन’ लिखा हुआ स्वतंत्र स्टिकर या पास उपलब्ध कराया जाएगा। इस पास पर संबंधित वाहन का नंबर और चालक का नाम दर्ज होगा। परिवहन विभाग, यातायात पुलिस और आरटीओ कार्यालयों के सहयोग से जरूरी जगहों पर ये पास दिए जाएंगे। पुलिस स्टेशन, ट्रैफिक चौकियों और आरटीओ कार्यालयों में भी यह सुविधा मिलेगी। खास बात यह है कि यह पास वापसी की यात्रा के लिए भी मान्य होगा, जिससे कोंकण से लौटते समय भी भक्तों को टोल नहीं देना पड़ेगा।
निजी वाहनों के साथ-साथ राज्य परिवहन की बसों को भी इस योजना में शामिल किया गया है। गणेशोत्सव के दौरान विभिन्न जिलों से कोंकण जाने वाली एसटी बसों को भी टोलमाफी मिलेगी। संबंधित बसों पर पास लगाकर या टोल नाके पर दिखाकर छूट ली जा सकेगी, जिससे सार्वजनिक परिवहन से सफर करने वाले भक्तों को भी सीधा फायदा होगा।
टोलमाफी के कारण टोल नाकों पर भीड़ बढ़ने और जाम की स्थिति से निपटने के लिए भी प्रशासन ने तैयारी की है। पुलिस और परिवहन विभाग को पास की जांच और टोलमाफी की प्रक्रिया को सरल और तेज रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही किन मार्गों पर छूट लागू है और पास कहां मिलेगा, इसकी जानकारी जनजागरूकता अभियानों के जरिए लोगों तक पहुंचाई जाएगी।
इस फैसले पर लोक निर्माण मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोंसले ने कहा, "गणेशोत्सव हर व्यक्ति की भावनाओं से जुड़ा त्योहार है। अपने प्रिय गणराय के स्वागत के लिए कोंकण जाने वाले भक्तों की यात्रा सुरक्षित, सुगम और आनंददायक हो, इसके लिए सरकार ने टोलमाफी का निर्णय लिया है। सभी विभागों को समन्वय और संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए।"
--आईएएनएस
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