गणेश चतुर्थी पर महाराष्ट्र सदन और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के आवास पहुंचे उपराष्ट्रपति, गणपति बप्पा का लिया आशीर्वाद
नई दिल्ली, 14 सितंबर (आईएएनएस)। गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर देशभर में श्रद्धा, उत्साह और भक्तिभाव के साथ भगवान गणपति की पूजा-अर्चना की जा रही है। इसी कड़ी में भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सोमवार को नई दिल्ली स्थित महाराष्ट्र सदन में गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना कर देशवासियों के सुख, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह पर्व भक्ति, आपसी स्नेह और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने भगवान गणेश से सभी नागरिकों को ज्ञान, खुशहाली, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करने की प्रार्थना की।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के नई दिल्ली स्थित आवास पर आयोजित गणेश चतुर्थी समारोह में भी हिस्सा लिया और गणपति बप्पा का आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस बीच, देशभर में गणेशोत्सव की धूम देखने को मिल रही है। विशेष रूप से महाराष्ट्र में श्रद्धालु बड़े उत्साह के साथ भगवान गणेश की पूजा कर रहे हैं। घरों और सार्वजनिक पंडालों में आकर्षक सजावट, रोशनी, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। श्रद्धालु भगवान गणेश को फूल, मिठाइयां और पारंपरिक प्रसाद अर्पित कर उनके आशीर्वाद की कामना कर रहे हैं।
हिंदू मान्यता के अनुसार भगवान गणेश को बुद्धि, समृद्धि और शुभ कार्यों का देवता माना जाता है। किसी भी नए कार्य की शुरुआत से पहले उनकी पूजा की जाती है। दस दिनों तक चलने वाले इस उत्सव का समापन 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के अवसर पर गणपति विसर्जन के साथ होगा।
गणेशोत्सव के सार्वजनिक स्वरूप की शुरुआत को लेकर इतिहास में अलग-अलग दावे किए जाते हैं। एक मान्यता के अनुसार स्वतंत्रता सेनानी लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने वर्ष 1893 में मुंबई के गिरगांव में सार्वजनिक गणेशोत्सव की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य लोगों को एकजुट करना और स्वतंत्रता आंदोलन को जनसमर्थन दिलाना था। वहीं, भाऊसाहेब रंगारी गणपति ट्रस्ट का दावा है कि पुणे में सार्वजनिक गणेशोत्सव की शुरुआत वर्ष 1892 में भाऊसाहेब रंगारी ने की थी।
मुंबई में लालबागचा राजा, गणेश गली, तेजूकाया मंडल, जीएसबी सेवा मंडल, अंधेरीचा राजा और अन्य प्रमुख पंडालों को भव्य रोशनी और आकर्षक सजावट से सजाया गया है। गणेश चतुर्थी के अवसर पर लालबागचा राजा के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं। वहीं, प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर को भी विशेष रूप से सजाया गया है।
--आईएएनएस
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