गांधीनगर में 'नशा मुक्त भारत' पर जागरूकता कार्यक्रम, पारंपरिक खेलों से दिया फिटनेस का संदेश
गांधीनगर, 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। गुजरात के गांधीनगर में शनिवार को 'नशा मुक्त भारत' जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की थीम 'भारत के पारंपरिक खेलों का जश्न' थी। इस पहल का उद्देश्य युवाओं के बीच शारीरिक फिटनेस, पारंपरिक भारतीय खेलों के महत्व और एक स्वस्थ, नशा-मुक्त जीवनशैली अपनाने के बारे में जागरूकता बढ़ाना था।
यह कार्यक्रम गांधीनगर स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के नेताजी सुभाष चंद्र बोस वेस्टर्न सेंटर ने 'माई भारत' के साथ मिलकर आयोजित किया। कार्यक्रम में कई पारंपरिक भारतीय खेल और फिटनेस-आधारित गतिविधियां शामिल थीं। लगोरी, रस्साकशी, बोरी दौड़, 'नशा मुक्त भारत' थीम पर आधारित सांप-सीढ़ी का खेल, 'नशे को हराएं' (कॉइन टॉस), 'फिटनेस चुनें' (रिंग टॉस), 'फिट इंडिया' फिटनेस चैलेंज और पेनल्टी शूट-आउट खेल आयोजित किए गए। इन गतिविधियों ने टीम वर्क, अनुशासन और खेल भावना को बढ़ावा दिया, साथ ही भारत की पारंपरिक खेलों की समृद्ध विरासत का जश्न भी मनाया।
मुख्य अतिथि, पर्वतारोही निशा ने फिटनेस, अनुशासन, सहनशक्ति, स्वस्थ जीवनशैली के विकल्पों और नशीले पदार्थों से दूर रहने के महत्व पर एक जागरूकता सत्र आयोजित किया। कार्यक्रम का समापन एक पुरस्कार समारोह के साथ हुआ, जिसमें विभिन्न पारंपरिक खेलों और गतिविधियों के विजेताओं को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रमुख लोगों में 'माई भारत' (गुजरात) के स्टेट डायरेक्टर सचिन शर्मा; 'माई भारत' के डिप्टी डायरेक्टर पंकज यादव और 'माई भारत' (गुजरात) के असिस्टेंट डायरेक्टर श्रेयांश सिंह शामिल थे। इसके अलावा, नवसारी की जिला युवा अधिकारी (डीवाईओ) अमृता सुराना, पाटन की जिला युवा अधिकारी काजल सहरावत और जामनगर के जिला युवा अधिकारी विशाल नागराले ने भी इसमें भाग लिया।
इस संयुक्त पहल के माध्यम से, साई गांधीनगर और 'माई भारत' ने 'फिट इंडिया मूवमेंट' के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने, तथा युवाओं को खेल, फिटनेस और एक स्वस्थ, नशा-मुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।
पर्वतारोही निशा ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम में आकर अच्छा लगा है। 'नशा मुक्त भारत' के संदेश को युवाओं तक पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। आज इसकी जरूरत है कि युवाओं को नशे से दूर रखा जाए। पारंपरिक खेलों को भी आज की पीढ़ी तक पहुंचाया जा रहा है, क्योंकि इन बच्चों को पता नहीं है कि पहले क्या-क्या गेम खेले जाते थे। युवाओं के बीच जब ऐसे संदेश पहुंचता है तो अच्छा लगता है।
जामनगर के जिला युवा अधिकारी विशाल नागराले ने कहा कि 'नशा मुक्त भारत' देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है, जो चाहते हैं कि हमारा भारत नशे से पूरी तरह मुक्त हो जाए और युवा नशे से दूर हों, ताकि 2047 विकसित भारत की कल्पना को साकार किया जा सके।
--आईएएनएस
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