गंडक नदी में उफान को लेकर प्रशासन अलर्ट, मुख्यमंत्री स्वयं कर रहे समीक्षा : रामकृपाल यादव
पटना, 28 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार की गंडक नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि के कारण गोपालगंज जिले के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। सोमवार को तटीय गांवों के लोग अपना जरूरी सामान, अनाज और मवेशियों को लेकर सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की ओर जा रहे हैं। प्रशासन ने भी अलर्ट जारी कर दिया है। बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव और जदयू विधायक श्याम रजक ने भी इस स्थिति पर चिंता जाहिर की है।
बिहार सरकार के मंत्री राम कृपाल यादव ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि गंडक में अत्यधिक पानी आने के कारण बिहार के बहुत सारे हिस्से प्रभावित हुए हैं। गंडक से सटे हुए जो इलाके हैं, वहां बाढ़ का पानी आ गया है और कई जिले प्रभावित हो गए हैं।
उन्होंने कहा, "सरकार की पूरी नजर इस पर बनी हुई है। जल संसाधन विभाग लगातार स्थिति पर निगरानी रख रहा है। मुख्यमंत्री स्वयं इसकी समीक्षा कर रहे हैं कि इस क्षति से कैसे निपटा जाए और लोगों को कैसे राहत पहुंचाई जाए। सरकार पूरी तरह से गंभीर है और हर संभव कोशिश कर रही है।"
वहीं, जदयू के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने कहा कि गंडक में एक बार फिर स्थिति खतरनाक हो गई है और इसके लिए दीर्घकालीन समाधान की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा, "अभी हाल ही में संयुक्त राष्ट्र के सम्मेलन में नेपाल के प्रधानमंत्री ने खुद इस बात को रखा था कि ग्लेशियर पिघलने और टूटने से भारी मात्रा में पानी आता है और वह पानी भारत में बिहार के तराई क्षेत्र में आ जाता है। गंडक में जो पानी आ रहा है, वह नेपाल से ही आ रहा है।"
रजक ने कहा कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए एक दीर्घकालीन कार्यक्रम बनना चाहिए। उन्होंने कहा, "हमारी पार्टी जनता दल यूनाइटेड और हमारे सांसदों ने इस मुद्दे को कई बार संसद में उठाया है। भारत सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और नेपाल सरकार के साथ इस पर वार्ता भी हो रही है।"
उन्होंने उम्मीद जताई कि वार्ता के बाद कोई ठोस योजना बनेगी, जिससे समस्याएं पूरी तरह खत्म नहीं होंगी, लेकिन काफी हद तक कम हो जाएंगी और हर साल आने वाले इस जल संकट से लोगों को राहत मिलेगी।
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