Aapka Rajasthan

गणतंत्र दिवस परेड: नौसेना की झांकी में दिखेंगे प्राचीन जहाज निर्माण से लेकर आधुनिक स्वदेशी प्लेटफॉर्म

नई दिल्ली, 20 जनवरी (आईएएनएस)। इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय नौसेना की 144 सदस्यीय मार्चिंग टुकड़ी कर्तव्य पथ पर कदमताल करेगी। भारतीय नौसेना की झांकी में प्राचीन जहाज निर्माण से लेकर आधुनिक स्वदेशी प्लेटफॉर्म दिखेंगे।
 
गणतंत्र दिवस परेड: नौसेना की झांकी में दिखेंगे प्राचीन जहाज निर्माण से लेकर आधुनिक स्वदेशी प्लेटफॉर्म

नई दिल्ली, 20 जनवरी (आईएएनएस)। इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय नौसेना की 144 सदस्यीय मार्चिंग टुकड़ी कर्तव्य पथ पर कदमताल करेगी। भारतीय नौसेना की झांकी में प्राचीन जहाज निर्माण से लेकर आधुनिक स्वदेशी प्लेटफॉर्म दिखेंगे।

इस नौसैनिक दल का नेतृत्व लेफ्टिनेंट करण नाग्याल करेंगे। नौसेना की यह टुकड़ी देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से चयनित युवा नौसैनिकों का प्रतिनिधित्व करती है।

इस वर्ष नौसेना की झांकी का विषय “मजबूत राष्ट्र के लिए मजबूत नौसेना” है। इसमें प्राचीन भारतीय जहाज निर्माण परंपरा से लेकर आधुनिक स्वदेशी प्लेटफॉर्म जैसे आईएनएस विक्रांत, नीलगिरि श्रेणी के स्टील्थ फ्रिगेट, कलवरी श्रेणी की पनडुब्बी और जीसैट-7आर उपग्रह को दर्शाया गया है।

इसके अलावा 29 जनवरी को बीटिंग द रिट्रीट समारोह में 80 सदस्यीय भारतीय नौसेना बैंड विशेष प्रस्तुतियां देगा। इसमें महिला अग्निवीर संगीतकार भी शामिल हैं।

वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, भारतीय नौसेना की भागीदारी आत्मनिर्भर भारत, समुद्री सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

कंटिन्जेंट कमांडर लेफ्टिनेंट करण नाग्याल ने बताया कि गणतंत्र दिवस परेड देश की एकता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, विविधता, सैन्य शक्ति एवं तकनीकी प्रगति का भव्य प्रदर्शन है। 144 युवा नौसैनिकों की यह टुकड़ी नौसेना को एक प्रगतिशील और सशक्त समुद्री शक्ति के रूप में प्रस्तुत करती है। इस टुकड़ी में देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से चयनित नौसैनिक शामिल हैं, जो ‘मिनी इंडिया’ का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस दल में शामिल जवानों की औसत आयु लगभग 25 वर्ष है। सभी कर्मियों को परेड के लिए दो महीने से अधिक का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।

भारतीय नौसेना की झांकी का विषय ‘ मजबूत राष्ट्र के लिए मजबूत नौसेना’ है। यह झांकी भारत की समुद्री विरासत से लेकर आधुनिक, स्वदेशी और भविष्य-उन्मुख नौसेना के विकास को जीवंत रूप में प्रस्तुत करती है। झांकी में पांचवीं शताब्दी ईस्वी के सिले हुए जहाज की प्रतिकृति, जिसे अब आईएनएसवी कौंडिन्य नाम दिया गया है प्रदर्शित किया जाएगा।

इसके अलावा मराठा नौसेना के गुराब श्रेणी के जहाज। स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत, प्रोजेक्ट 17ए के तहत निर्मित नीलगिरि श्रेणी के स्टील्थ फ्रिगेट, आईएनएस हिमगिरि एवं आईएनएस उदयगिरि की प्रतिकृति भी देखने को मिलेगी। इसके अतिरिक्त नौसेना की झांकी में नाविका सागर परिक्रमा-2 अभियान के अंतर्गत आईएनएसवी तारिणी द्वारा किए गए विश्व परिक्रमा मार्ग का भी चित्रण किया गया है।

झांकी के साथ सी कैडेट्स कॉर्प्स के युवा कैडेट्स भी मार्च करेंगे। इस झांकी की संकल्पना एवं डिजाइन कमांडर जुबैर सिद्दीकी और लेफ्टिनेंट लेख्ष्मी के. रवि द्वारा की गई है।

इस अवसर पर वाइस एडमिरल प्रवीन नायर ने कहा कि गणतंत्र दिवस परेड में नौसेना की भागीदारी केवल सैन्य क्षमता का प्रदर्शन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का भी प्रतीक है।

उन्होंने बताया कि झांकी का विषय ‘परंपरा में निहित, आत्मनिर्भरता एवं नवाचार की ओर अग्रसर’, प्रधानमंत्री के समुद्र से समृद्धि के दृष्टिकोण से प्रेरित है। उन्होंने विशेष रूप से महिला सशक्तिकरण को रेखांकित करते हुए कहा कि झांकी में लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के. एवं लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए. द्वारा आईएनएसवी तारिणी पर की गई ऐतिहासिक विश्व परिक्रमा को दर्शाया गया है। साथ ही, सी कैडेट्स कॉर्प्स की बालिकाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय है, जो 1980 के दशक के बाद पुन: गणतंत्र दिवस परेड में शामिल हो रही हैं।

--आईएएनएस

जीसीबी/एएसएच