Aapka Rajasthan

फ्रांस और अमेरिका समेत 13 देशों के 18 बंदरगाहों से गुजरेगा भारतीय नौसेना का शिप ‘सुदर्शिनी’

नई दिल्ली, 19 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय नौसेना की सेल ट्रेनिंग शिप आईएनएस ‘सुदर्शिनी’ एक अनूठी यात्रा पर जा रही है। अपनी इस यात्रा के दौरान भारतीय नौसेना की यह शिप 13 देशों के 18 विदेशी बंदरगाहों से गुजरेगी।
 
फ्रांस और अमेरिका समेत 13 देशों के 18 बंदरगाहों से गुजरेगा भारतीय नौसेना का शिप ‘सुदर्शिनी’

नई दिल्ली, 19 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय नौसेना की सेल ट्रेनिंग शिप आईएनएस ‘सुदर्शिनी’ एक अनूठी यात्रा पर जा रही है। अपनी इस यात्रा के दौरान भारतीय नौसेना की यह शिप 13 देशों के 18 विदेशी बंदरगाहों से गुजरेगी।

यह भारतीय शिप फ्रांस और अमेरिका में आयोजित विशेष अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में भी शामिल होगी। यह यात्रा ‘लोकायन 26’ मंगलवार 20 जनवरी से शुरू होगी। अपनी मुख्ययात्रा पर निकले के बाद यह शिप 10 महीने तक समुद्र में सफर करेगा।

दरअसल, यह एक ट्रांसओशनिक अभियान है। भारत की समृद्ध समुद्री विरासत और वसुधैव कुटुंबकम की सोच को समुद्रों के पार दर्शाते हुए, यह शिप 13 देशों के 18 विदेशी बंदरगाहों से गुजरते हुए 22,000 नॉटिकल मील से अधिक की यात्रा करेगी।

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इस तैनाती का एक मुख्य आकर्षण आईएनएस सुदर्शिनी का प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय टॉल-शिप कार्यक्रमों में शामिल होना है। यह टॉल-शिप कार्यक्रमों के तहत एस्केल-ए सेट फ्रांस में और अमेरिका के न्यूयॉर्क में एसएआईएल 250 में हिस्सा लेगा। इन दोनों कार्यक्रमों में, आईएनएस सुदर्शिनी भारत की गौरवशाली समुद्री विरासत और समुद्री परंपराओं का प्रतिनिधित्व करेगी।

10 महीने की यात्रा के दौरान, 200 से अधिक भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल के प्रशिक्षु गहन सेलिंग प्रशिक्षण लेंगे। इससे उन्हें लंबी दूरी के समुद्री नेविगेशन और समुद्र में पारंपरिक नौकायन का अमूल्य अनुभव मिलेगा। यह तैनाती प्रशिक्षुओं को बड़े जहाज पर जीवन की बारीकियों से परिचित कराएगी। उन्हें दूसरी नौसेनाओं के प्रशिक्षुओं के साथ बातचीत करने के अवसर प्रदान करेगी। इससे नौसैनिकों के पेशेवर आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा और दोस्ती के स्थायी बंधन बनेंगे।

आईएनएस सुदर्शिनी अपनी यात्रा के पड़ाव में आने वाले विभिन्न देशों की नौसेनाओं के साथ प्रशिक्षण क्रियाकलाप और समुद्री साझेदारी कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेगी। इससे सामुद्रिक सहयोग मजबूत होगा और साथ ही साथ महासागर के विजन को आगे बढ़ाया जा सकेगा।

रक्षा मंत्रालय का कहना है कि यह यात्रा सांस्कृतिक कूटनीति का एक शक्तिशाली प्रतीक है, जो देशों के बीच सहयोग और आपसी विश्वास के पुल बनाने के लिए भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है। दरअसल आईएनएस सुदर्शिनी, भारतीय नौसेना का दूसरा सेल प्रशिक्षण जहाज है जो अब तक 1 लाख, 40 हजार नॉटिकल मील से अधिक की दूरी तय कर चुका है। लोकायन 26 के जरिए आईएनएस सुदर्शिनी वैश्विक मंच पर भारत की सामुद्रिक शक्ति, व्यावसायिकता और सद्भावना की मिसाल बनी हुई है।

--आईएएनएस

जीसीबी/एएसएच