फॉर्म-7 के जरिए सपा समर्थकों के वोट काटे गए, 2022 में चुनाव आयोग की गड़बड़ी से नहीं बन सकी सरकार : अखिलेश
लखनऊ, 27 सितंबर (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में चुनाव आयोग की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में सपा समर्थकों के वोट काटे गए, जिसके चलते उनकी पार्टी की सरकार नहीं बन सकी। उन्होंने कहा कि 2019 में जिन लोगों ने मतदान किया था, उनमें से कई को 2022 में वोट डालने का अधिकार नहीं मिला।
सपा अध्यक्ष ने पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि चुनाव के बाद ही समाजवादी पार्टी ने मतदाता सूची में गड़बड़ी और सपा समर्थकों के वोट काटे जाने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि 2017 में पार्टी इस तरह की गड़बड़ियों को समझ नहीं सकी क्योंकि उसे भरोसा था कि चुनाव आयोग निष्पक्ष और ईमानदारी से काम कर रहा है। अखिलेश ने आरोप लगाया कि चुनाव में गड़बड़ी लंबे समय से चल रही थी, लेकिन अब उसके तरीके सामने आ रहे हैं।
उनके मुताबिक, भाजपा के लोगों ने गांव-गांव जाकर विपक्षी मतदाताओं के नाम कटवाने की कोशिश की और बड़ी संख्या में फॉर्म-7 भरकर भेजे। उन्होंने दावा किया कि लखनऊ में एक व्यक्ति ने 100 से अधिक वोट कटवाने के लिए फॉर्म-7 जमा किए, जबकि नियमानुसार एक व्यक्ति अधिकतम पांच मतदाताओं के नाम हटाने के लिए आवेदन कर सकता है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को इस तरह की शिकायतों पर कार्रवाई करनी चाहिए थी।
अखिलेश ने दावा किया कि 2022 में जिन लोगों ने 2019 में मतदान किया था, उन्हें भी कई जगह वोट डालने से रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी बाद में मतदाता सूची को लेकर अधिक सतर्क हुई और 2024 के लोकसभा चुनाव में इसी जागरूकता के कारण पार्टी ने उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक सांसद जिताए। अखिलेश यादव ने भाजपा पर उपचुनावों में भी चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों को सादे कपड़ों में मतदान कराने और मतदाताओं को डराने-धमकाने की शिकायतें सामने आई थीं।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की कथित अनियमितताएं अब खुलकर सामने आ रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा चुनाव आयोग का बचाव किए जाने पर अखिलेश ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री चुनाव आयोग के पक्ष में बोल रहे हैं तो इससे यह सवाल उठता है कि क्या भाजपा भी कथित वोट कटौती के मामले में शामिल थी। उन्होंने भाजपा पर विपक्षी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटवाने के लिए निजी लोगों के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया।
अखिलेश ने कहा कि फॉर्म-7 के माध्यम से गांव-गांव में विपक्षी मतदाताओं के नाम कटवाने का प्रयास किया गया और बाद में फॉर्म-7 की प्रक्रिया पर रोक लगाई गई। सपा अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर पूरी तरह सक्रिय है। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराया गया और अब 2027 में भी पार्टी को हराने के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में 27 हजार वोट बढ़ाने का लक्ष्य लेकर काम किया जाएगा। अखिलेश ने भाजपा पर सोशल मीडिया के जरिए नफरत फैलाने और विपक्षी नेताओं को झूठे मामलों में फंसाने का आरोप भी लगाया।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी चुनावी तैयारियों के साथ-साथ मतदाता सूची को लेकर भी पूरी तरह सजग रहेगी। उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों को लेकर भी अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। गोरखपुर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जिस शहर को स्पेन जैसा बनाने की बातें कही जाती थीं, वहां बारिश के बाद जगह-जगह पानी भर रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "जहां मेट्रो चलनी थी, वहां नाव चल रही है।" अखिलेश ने कहा कि भाजपा नेताओं ने सैफई को लेकर काफी बातें कीं, लेकिन वहां हुए विकास कार्यों से सीख नहीं ली।
उन्होंने कहा कि सरकार को सैफई के विकास मॉडल से प्रेरणा लेकर गोरखपुर सहित अन्य शहरों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना चाहिए। उन्होंने सरकार द्वारा गोद लिए गए गांवों को लेकर भी सवाल उठाया। अखिलेश ने कहा कि जिन गांवों को नेताओं ने गोद लिया है, वहां विकास कार्य होने चाहिए और उन्हें अनाथ नहीं छोड़ा जाना चाहिए। सपा और कांग्रेस नेताओं के बीच गठबंधन को लेकर सामने आ रही बयानबाजी पर अखिलेश यादव ने कहा कि यह रणनीति का हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान राजनीतिक दल अपनी रणनीति के तहत अलग-अलग तरीके से अपनी बात रखते हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव के घोषणापत्र में खिलाड़ियों की सभी प्रमुख मांगों को शामिल करेगी। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर से लेकर राज्य स्तर तक खेलों को बढ़ावा देने के लिए काम किया जाएगा और खेल व्यवस्था में संरचनात्मक बदलाव किए जाएंगे।
--आईएएनएस
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