एफएफई विवाद पर यूईएफए सख्त, फीफा को भेजा 'प्रिजर्वेशन नोटिस'
नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। यूईएफए ने फीफा को एक कानूनी 'प्रिजर्वेशन नोटिस' (दस्तावेज सुरक्षित रखने का नोटिस) भेजा है। यह कदम फीफा की गवर्निंग बॉडी के फीफा फॉरवर्ड एंटरप्राइज (एफएफई) प्रस्ताव को रद्द करने के बाद उठाया गया है। यूईएफए ने इस मामले में फीफा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का विकल्प अभी भी खुला रखा है।
यह कदम फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो की तरफ से यूईएफए, कई महाद्वीपीय परिसंघों और अन्य हितधारकों के व्यापक विरोध के बाद एफएफई प्रस्ताव को वापस लेने के कुछ दिनों बाद उठाया गया है। इस प्रोजेक्ट में फीफा के प्रमुख टूर्नामेंट्स (जैसे फीफा वर्ल्ड कप) के अधिकारों के प्रबंधन के लिए एक कमर्शियल इकाई बनाने का प्रस्ताव था, इसके साथ ही निजी निवेशकों को इक्विटी हिस्सेदारी खरीदने की अनुमति भी दी जानी थी।
अल जजीरा को इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए, यूईएफए ने कहा कि उसने फीफा को प्रिजर्वेशन लेटर जारी किया है, लेकिन इस मामले पर आगे कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। मीडिया आउटलेट को दिए जवाब में यूईएफए ने कहा, "हम पुष्टि कर सकते हैं कि दस्तावेज सुरक्षित रखने का पत्र भेजा गया था।"
रिपोर्ट्स के अनुसार, जब से इन्फेंटिनो ने पहली बार एफएफईप्रस्ताव पेश किया था, तभी से यूईएफए कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहा है। इस नोटिस का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रोजेक्ट से जुड़े रिकॉर्ड सुरक्षित रखे जाएं, जबकि यूरोपीय गवर्निंग बॉडी अपनी अगली कार्रवाई का आकलन कर रही है।
यह विवाद फीफा के 'फीफा फॉरवर्ड एंटरप्राइज' स्थापित करने के प्रस्ताव से शुरू हुआ था। यह एक कमर्शियल सब्सिडियरी (सहायक कंपनी) होती जो फीफा के प्रमुख टूर्नामेंटों के कमर्शियल अधिकारों की देखरेख करती। फीफा का तर्क था कि इस पहल से उसके 211 सदस्य संघों के लिए विकास निधि में काफी वृद्धि होगी।
हालांकि, इस प्रस्ताव का यूईएफए, कॉनकाकाफ, एशियाई फुटबॉल परिसंघ (एएफसी) और कई राष्ट्रीय फुटबॉल संघों ने तुरंत विरोध किया। उन्होंने इस योजना से जुड़ी गवर्नेंस प्रक्रिया और परामर्श की कमी पर सवाल उठाए।
इसके बाद इन्फेंटिनो ने बताया कि फीफा इस प्रस्ताव को छोड़ देगा। उन्होंने कहा कि हितधारकों से मिली प्रतिक्रिया से यह स्पष्ट हो गया है कि यह प्रोजेक्ट विवाद का कारण बन गया था और अब विश्व फुटबॉल को मजबूत करने के अपने मूल उद्देश्य को पूरा नहीं कर रहा है।
--आईएएनएस
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