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एफडीए की कार्रवाई का स्वागत, कानून से ऊपर कोई नहीं: प्रवीन खंडेलवाल

नई दिल्ली, 17 अगस्त (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की ओर से अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को विमल इलायची के प्रचार-प्रसार से जुड़े मामले में नोटिस जारी किए जाने को लेकर भाजपा सांसद प्रवीन खंडेलवाल की प्रतिक्रिया सामने आई है।
 

नई दिल्ली, 17 अगस्त (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की ओर से अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को विमल इलायची के प्रचार-प्रसार से जुड़े मामले में नोटिस जारी किए जाने को लेकर भाजपा सांसद प्रवीन खंडेलवाल की प्रतिक्रिया सामने आई है।

भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की ओर से अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन एवं टाइगर श्रॉफ को विमल इलायची के प्रचार-प्रसार से जुड़े मामले में नोटिस जारी किया जाना बहुत ही कानून-सम्मत एवं एक स्वागतयोग्य कदम है। यह संदेश स्पष्ट रूप से जाना चाहिए कि देश में कानून, नियम और उपभोक्ता हित सर्वोपरि हैं तथा किसी भी व्यक्ति की लोकप्रियता या सेलिब्रिटी हैसियत उसे कानूनों के पालन से छूट नहीं दे सकती।

उन्होंने कहा कि यह अत्यंत चिंताजनक है कि कुछ प्रसिद्ध हस्तियां केवल व्यावसायिक लाभ के लिए ऐसे उत्पादों के प्रचार से जुड़ जाती हैं, जिनके विज्ञापन और ब्रांडिंग को लेकर गंभीर कानूनी एवं नैतिक प्रश्न उठते रहे हैं। करोड़ों लोग इन सेलिब्रिटीज़ को अपना आदर्श मानते हैं। ऐसे में उनकी सामाजिक जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। यदि वे स्वयं नियमों की अनदेखी करते दिखाई दें, तो समाज में गलत संदेश जाता है और कानून के प्रति सम्मान कमजोर पड़ता है।

उन्होंने कहा की दुर्भाग्य से आजकल कानूनों और नियमों की अवहेलना करना एक प्रकार का फैशन बनता जा रहा है। चाहे कुछ चर्चित सेलिब्रिटी हों या फिर देश में निवेश करने वाली कुछ विदेशी निवेश (एफडीआई) आधारित कंपनियां, अनेक मामलों में यह देखा गया है कि नियमों की सीमाओं को जानबूझकर लांघने या उनका मनमाना अर्थ निकालने का प्रयास किया जाता है। यह प्रवृत्ति अत्यंत गंभीर है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

भाजपा नेता ने जोर देकर कहा की व्यापार, उद्योग, मनोरंजन जगत अथवा किसी अन्य क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों के लिए एक समान नियम होने चाहिए। यदि आम नागरिक और छोटे व्यापारी कानूनों का पालन करने के लिए बाध्य हैं, तो बड़े ब्रांड, बड़ी कंपनियां और बड़े चेहरे भी उसी कसौटी पर परखे जाने चाहिए। कानून का सम्मान ही स्वस्थ व्यापारिक व्यवस्था और उत्तरदायी समाज की नींव है।

उन्होंने उम्मीद जताई है की महाराष्ट्र एफडीए इस मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करेगा ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति या संस्था अपनी लोकप्रियता, प्रभाव अथवा आर्थिक शक्ति के बल पर नियमों को दरकिनार करने का साहस न कर सके। देश में कानून का राज स्थापित रहना चाहिए और यह सिद्धांत व्यवहार में भी दिखाई देना चाहिए कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।

--आईएएनएस

एसडी/पीएम