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फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने को लेकर पीएम मोदी के पोस्ट पर विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया, प्रियंका बोलीं-सिस्टम से भरोसा टूटा

नई दिल्ली, 23 जुलाई (आईएएनएस)। पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से किए गए 'एक्स' पोस्ट पर विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आई है। विपक्षी नेताओं ने सरकार पर निशाना साधा है।
 

नई दिल्ली, 23 जुलाई (आईएएनएस)। पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से किए गए 'एक्स' पोस्ट पर विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आई है। विपक्षी नेताओं ने सरकार पर निशाना साधा है।

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा, "ये तो वैसी ही बात है कि बच्चों का कुछ और कहना है और आप (पीएम) कुछ और कह रहे हैं। नेताओं के नेतृत्व दिखाने का समय आ गया है, वे नेतृत्व दिखाएं। बच्चों की बातें सुनें। बच्चों की स्पष्ट मांगें हैं कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें और जिन्होंने मारा-पीटा है उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। इनको पहले बच्चों की मांगों की माननी चाहिए। बच्चों का सिस्टम में भरोसा टूट गया है।"

प्रियंका गांधी ने आगे कहा कि अगर सिस्टम द्वारा कोई समाधान किया जाएगा तो बच्चे इसको स्वीकार नहीं करेंगे। अगर प्रधानमंत्री को समाधान करना है तो बच्चों की मांगें सुनें और पूरी करें, तभी समाधान निकल पाएगा।

पेपर लीक में शामिल लोगों को कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने के प्रधानमंत्री मोदी के 'एक्स' पोस्ट पर कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, "आजकल कोई भी उनकी बातों पर यकीन नहीं करता। उनकी बातों का भरोसा पहले ही खत्म हो चुका है। सबसे पहले, उन्हें धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्रालय से हटाना होगा। फिर उन्हें छात्रों से बात करनी होगी।"

समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया ने कहा, "मुझे नहीं पता कि प्रधानमंत्री किस क्रांति की बात कर रहे थे। क्या उस 'एक्स' पोस्ट से उन छात्रों की मांगें पूरी होंगी जिन पर लाठीचार्ज हुआ, जो घायल हुए और जो इतने लंबे समय से जंतर-मंतर पर बैठे हैं? क्या बल प्रयोग से घायल हुए छात्रों की आंखों का दर्द ठीक हो पाएगा? संसद सत्र शुरू होने पर, अगर प्रधानमंत्री युवाओं को कोई संदेश देना चाहते थे, तो उन्हें खुद सदन में आकर उनसे बात करनी चाहिए थी।"

जेएमएम सांसद महुआ माजी ने कहा, "आखिरकार, इतने दिनों बाद सरकार की नींद खुली है। 22 दिनों तक जब छात्र जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध कर रहे थे और सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर थे, तब सरकार बहरी और खामोश क्यों बनी रही? छात्रों ने पहले ही साफ कर दिया था कि वे अपनी मांगें रखने के लिए संसद आएंगे। इस आंदोलन को बढ़ने देने में सरकार की बड़ी भूमिका रही है और अब वह दमनकारी रवैया अपना रही है।"

कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने कहा, "अभी तक सिर्फ 'एक्स' पोस्ट ही आया है, कोई कार्रवाई नहीं हुई है। भविष्य में यह या वह करेंगे, यह सब तो बस बातें हैं। लोग अब कार्रवाई चाहते हैं। वे जानना चाहते हैं कि आपने इसके जवाब में क्या किया है। न तो कोई इस्तीफा हुआ है, न ही लाठीचार्ज पर कोई अफसोस जताया गया है, और न ही राहुल गांधी की ओर से उठाए गए मुद्दों पर कोई प्रतिक्रिया दी गई है।"

--आईएएनएस

एसडी/पीएम