‘एक्सपीरियंस इकॉनमी’ से बदल रही युन्नान की कॉफी इंडस्ट्री
बीजिंग, 23 मई (आईएएनएस)। दक्षिण-पश्चिम चीन का युन्नान प्रांत लंबे समय से देश के सबसे बड़े कॉफी उत्पादक क्षेत्रों में गिना जाता है। लेकिन अब यहां की कॉफ़ी इंडस्ट्री केवल खेती और उत्पादन तक सीमित नहीं रह गई है। 'एक्सपीरियंस इकॉनमी' के बढ़ते प्रभाव ने युन्नान की कॉफी को एक नए रूप में पेश किया है, जहां कॉफी को पर्यटन, संस्कृति और ग्रामीण जीवन के साथ जोड़कर एक व्यापक अनुभव में बदल दिया गया है।
युन्नान के कॉफी प्लांटेशन अब सिर्फ खेती की जगह नहीं रहे, बल्कि सीखने और अनुभव करने के केंद्र बनते जा रहे हैं। यहां आने वाले पर्यटक कॉफ़ी की विभिन्न किस्मों, प्रोसेसिंग तकनीकों और कॉफी बनाने की प्रक्रिया को करीब से समझते हैं। हरे-भरे पहाड़ों और प्राकृतिक वातावरण के बीच लोग केवल कॉफी का स्वाद ही नहीं लेते, बल्कि उसकी पूरी यात्रा को महसूस करते हैं।
कॉफी इंडस्ट्री में यह बदलाव पारंपरिक मॉडल से अलग है। पहले जहां अधिकतर ध्यान कच्ची कॉफी बीन्स के उत्पादन और बिक्री पर होता था, वहीं अब 'कॉफी प्लस पर्यटन प्लस होमस्टे प्लस सांस्कृतिक गतिविधियों' जैसे मॉडल तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। इससे कॉफी एस्टेट्स में आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ी है और स्थानीय ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।
युन्नान की राजधानी खुनमिंग में भी कॉफी संस्कृति नए तरीके से विकसित हो रही है। यहां की कई बुटीक रोस्टिंग फैक्ट्रियां अब केवल उत्पादन स्थल नहीं, बल्कि सांस्कृतिक केंद्र बन चुकी हैं। कॉफी प्रेमी यहां प्रोफेशनल बरिस्ता की मदद से कॉफी पीसने, बनाने और टेस्टिंग का अनुभव लेते हैं। नियमित टेस्टिंग इवेंट और वर्कशॉप के ज़रिए कॉफ़ी को एक लाइफस्टाइल और सांस्कृतिक अनुभव के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।
यह ट्रेंड गांवों तक भी पहुंच चुका है। कई ग्रामीण इलाकों में कॉफी आधारित पर्यटन तेजी से विकसित हो रहा है, जहां पर्यटक स्थानीय जीवनशैली का अनुभव करने के साथ-साथ कॉफी से जुड़े रचनात्मक उत्पादों और गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं। कैफ़े, प्रोसेसिंग एक्सपीरियंस सेंटर और कल्चरल वर्कशॉप जैसे नए इंफ्रास्ट्रक्चर गांवों की पहचान बनते जा रहे हैं।
स्थानीय प्रशासन भी इस बदलाव को बढ़ावा दे रहा है। प्रांत में कई बुटीक कॉफी मैनर विकसित किए गए हैं, जहां कॉफी को संस्कृति, पर्यटन और रचनात्मक उद्योगों के साथ जोड़ा जा रहा है। इससे युन्नान कॉफी अब केवल एक कृषि उत्पाद नहीं रही, बल्कि क्षेत्र की नई सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन आकर्षण बन गई है।
'एक्सपीरियंस इकॉनमी' का यह मॉडल दिखाता है कि खेती को यदि पर्यटन और संस्कृति से जोड़ा जाए, तो वह ग्रामीण विकास का प्रभावी माध्यम बन सकती है। युन्नान की कॉफी इंडस्ट्री इसी बदलाव का उदाहरण बनकर उभर रही है, जहां एक साधारण कॉफी बीन स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार और ग्रामीण पुनरोत्थान को नई दिशा दे रही है।
( साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
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