Aapka Rajasthan

यूरोपीय देशों ने लेबनान में इजरायली हमलों को बताया गलत, सीजफायर के भविष्य पर उठे सवाल

नई दिल्ली, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। लेबनान में इजरायल के ताबड़तोड़ हमले की यूरोपीय देशों ने आलोचना की है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा कि ये सीजफायर नियमों का 'अपमान' है तो ब्रिटिश विदेश मंत्री यवेट कूपर ने इसे पूरी तरह से गलत बताया।
 
यूरोपीय देशों ने लेबनान में इजरायली हमलों को बताया गलत, सीजफायर के भविष्य पर उठे सवाल

नई दिल्ली, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। लेबनान में इजरायल के ताबड़तोड़ हमले की यूरोपीय देशों ने आलोचना की है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा कि ये सीजफायर नियमों का 'अपमान' है तो ब्रिटिश विदेश मंत्री यवेट कूपर ने इसे पूरी तरह से गलत बताया।

ईयू की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास ने हिज्बुल्लाह को हथियार रखने की नसीहत देते हुए इजरायली कार्रवाई को भी गैर जरूरी बताया है।

ईयू की शीर्ष राजनयिक काजा कलास ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच हुआ सीजफायर समझौता लेबनान तक भी लागू होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान समर्थित लेबनानी आतंकी संगठन हिज्बुल्लाह को अपने हथियार डाल देने चाहिए।

एक्स पोस्ट में लिखा, "हिज्बुल्लाह ने लेबनान को युद्ध में घसीटा, लेकिन खुद की रक्षा करने के इजरायल के अधिकार से इस तरह की भारी तबाही मचाने को सही नहीं ठहराया जा सकता।" उन्होंने कहा कि इससे अमेरिका-ईरान सीजफायर पर भारी दबाव पड़ रहा है। ईरान के साथ हुआ यह समझौता लेबनान तक भी लागू होना चाहिए।

उन्होंने इजरायल के 'आत्मरक्षा' दावे पर सवाल उठाते हुए कहा, "बुधवार रात इजरायल के हमलों में सैकड़ों लोग मारे गए, जिससे यह तर्क देना मुश्किल हो जाता है कि इस तरह की सख्त कार्रवाइयां 'आत्मरक्षा' के दायरे में आती हैं।"

वहीं, फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरो ने लेबनान पर हो रहे हमले को स्वीकार करने योग्य नहीं माना। उन्होंने कहा है कि इससे अमेरिका-ईरान के बीच हुआ अस्थायी सीजफायर कमजोर पड़ रहा है।

ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर ने भी इजरायली हमलों को तर्कसंगत नहीं माना और लेबनान को सीजफायर में शामिल करने की मांग उठाई।

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा कि इजरायल ने 2 हफ्तों के संघर्ष विराम नियमों का 'अपमान' किया है। हालात बेहद खराब हैं और ये “नो पॉइंट ऑफ रिटर्न” के करीब पहुंच चुके हैं। फिर भी अब जो शांति की संभावना है, उसे दृढ़ता से आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने अपनी संसद से कहा कि इटली ऐसे किसी भी संघर्ष विराम नियमों के उल्लंघन की आलोचना करता है।

--आईएएनएस

केआर/