'यूरोप में भी ऐसा नहीं देखा', बिहार की समावेशी सोच की वैश्विक सराहना, यूनिसेफ अधिकारी ने बताया पटना का अनुभव
नई दिल्ली, 16 जुलाई (आईएएनएस)। सोशल मीडिया पर अक्सर आपको बिहार की ऐसी तस्वीरें देखने को मिलती हैं, जिनमें राज्य को पिछड़ा और अशिक्षित दिखाने की झूठी कोशिश बार-बार की जाती है। नकारात्मक या झूठे प्रचारों के बीच बिहार की जमीनी हकीकत सोशल मीडिया पर किए जाने वाले प्रचार से कहीं अलग है। इसका उदाहरण अक्सर वैश्विक स्तर पर देखने को मिलता है। ताजा मामले में, बिहार में यूनिसेफ भारत की फील्ड ऑफिस की चीफ के तौर पर काम कर रहीं डॉ. मोनिका ओलेड्जका नीलसन ने राजधानी पटना का एक शानदार अनुभव साझा किया।
डॉ. मोनिका ने लिंक्डइन पोस्ट में लिखा, "एक हफ्ते पहले मैं यूनिसेफ इंडिया के साथ अपना काम शुरू करने के लिए बिहार के पटना पहुंची। रहने की जगह ढूंढते हुए, मैंने लेमन ट्री होटल में चेक इन किया। मेरे पहुंचने की दोपहर को, एक छोटी लेकिन असरदार बात ने मेरा ध्यान खींचा, 'मेरा स्वागत एक स्टाफ सदस्य ने किया, जिसे सुनने में दिक्कत थी।' उसने एक बैज पहना हुआ था, जिसमें लिखा था कि अगर मैं अपनी बात लिख लूं तो उन्हें मदद करने में खुशी होगी। मुझे यह बात सोचने वाली और सबको साथ लेकर चलने वाली लगी।"
डॉ. मोनिका ने आगे लिखा, "अगली सुबह नाश्ते के समय, मैंने देखा कि दो युवा वेटर साइन लैंग्वेज में बात कर रहे थे। उत्सुक और प्रभावित होकर, मैंने बाद में रिसेप्शनिस्ट की सराहना की कि मैंने क्या देखा था। मैंने कहा कि मैंने यूरोप के होटलों में और दुनिया में कहीं और भी, ऐसी सबको साथ लेकर चलने वाली सोच कभी नहीं देखी थी।"
उन्होंने लिखा कि रिसेप्शनिस्ट ने गर्व से जवाब दिया, "मैडम, लेमन ट्री में हमारी पॉलिसी है कि हम दिव्यांगों को काम पर रखें।"
उन्होंने अंत में लिखा, "मैं सच में हैरान थी। ऐसे पल हमें याद दिलाते हैं कि असली समावेश कैसा दिखता है, सिर्फ जागरूकता नहीं, बल्कि पहल। दिव्यांगों को मौके देना सिर्फ समर्थन का काम नहीं है। यह एक ऐसा समाज बनाने की तरफ एक कदम है, जहां हर कोई इज्जत और गर्व के साथ अपना योगदान दे सके।"
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बिहार की यह सराहना पहली बार नहीं हुई, लेकिन सोशल मीडिया पर बिहार को एक अविकसित, अशिक्षित, पिछड़ा और हास्य का पात्र दिखाने की कोशिश करने वालों की संख्या इतनी ज्यादा है कि हकीकत कहीं पीछे छूट जाती है।
डॉ. मोनिका ओलेड्जका नीलसन संयुक्त राष्ट्र की एक सीनियर इंटरनेशनल डेवलपमेंट प्रोफेशनल हैं। फिलहाल, वह बिहार में यूनिसेफ भारत की फील्ड ऑफिस की प्रमुख के तौर पर काम कर रही हैं। उन्होंने इस पद की जिम्मेदारी अप्रैल 2026 में संभाली थी। यूनिसेफ के साथ उनका करियर एक दशक से ज्यादा का रहा है, जिसमें उन्होंने दुनिया भर में फील्ड ऑफिस, स्ट्रेटेजिक प्रोग्रामिंग और इमरजेंसी रिस्पॉन्स को मैनेज किया है।
--आईएएनएस
केके/एबीएम
