ऐसे लोगों की नागरिकता रद्द होनी चाहिए: पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह
नोएडा, 13 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने दिल्ली के लाल किले के पास हुए विस्फोट और एक पूर्व सांसद से जुड़े 90 अश्लील वीडियो मिलने की रिपोर्ट पर टिप्पणी की।
पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने गुरुवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि अभी तक यह कहा जा रहा था कि 10 नवंबर 2025 को मेट्रो स्टेशन के बाहर कार विस्फोट हुआ था। इसमें 10 लोग मारे गए थे और इसे लेकर यह कहा जा रहा था कि यह कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन यूनाइटेड नेशन सिक्योरिटी काउंसिल ने स्पष्ट कर दिया कि इसमें सीधा अलकायदा का हाथ है। इसमें डॉक्टर उमर अल नबी का नाम भी शामिल है और इसकी अहम भूमिका भी थी। इस पूरे मामले में अलकायदा और गजवा ए हिंद की प्रमुख भूमिका थी।
उन्होंने कहा कि पूरा मुद्दा यही पर समाप्त नहीं हो जाता है। इन लोगों ने उच्च स्तर की तकनीक, क्रिप्टो करेंसी के जरिए पैसे के लेनदेन का और एक घातक जहर तैयार करने की कोशिश की। डॉ. अहमद मोहियुद्दीन सैयद की अहम भूमिका थी। वह चीन से चिकित्सा की पढ़ाई करके आया था। अलकायदा का पूरा मॉडल कैमिकल वार की भी तैयारी कर रहा था।
उन्होंने कहा कि संतोष की बात है कि एनआईए ने पूरे मामले में प्रभावी कार्रवाई की। 10 लोगों के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की गई, लेकिन हमें यह ध्यान रखना होगा कि ऐसे लोग संक्रमण की तरह तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे लोग अगर देश के नहीं हो सकते हैं तो इन्हें देश की तरफ से भी किसी भी प्रकार की सुविधा नहीं मिलनी चाहिए। इनकी नागरिकता समाप्त होनी चाहिए। आजीवन कारावास के अलावा भी अगर कोई कठोर सजा हो तो वो इन्हें देनी चाहिए। इनके पूरे सपोर्ट सिस्टम को ध्वस्त किया जाना चाहिए।
वहीं, जेल में प्रज्वल रेवन्ना के पास मिले मोबाइल फोन को लेकर भी पूर्व डीजीपी ने प्रतिक्रिया दी। उनके मुताबिक, यह चिंता का विषय है कि जेल में प्रज्वल रेवन्ना के पास से मोबाइल फोन मिला है। 90 से अधिक उनके मोबाइल से अश्लील वीडियो बरामद किए गए हैं। यह प्रशासन की लापरवाही का नतीजा है। ऐसी स्थिति में जेल प्रशासन से यह उम्मीद की जाती है कि वो अभेद्द सुरक्षा व्यवस्था की रूपरेखा तैयार कर उसे धरातल पर उतारे, लेकिन यह संकेत मिल रहे हैं कि भ्रष्टाचार की वजह से प्रज्वल रेवन्ना को यह सबकुछ करने की अनुमति दे दी। ऐसी स्थिति में जेल प्रशासन को सुधार करने की आवश्यकता है और जो अधिकारी भी इसमें शामिल रहे, उन्हें चिन्हित करते हुए उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इन लोगों के खिलाफ एनएसए और यूएपीए के तहत कार्रवाई की जाए। इससे पहले उत्तर प्रदेश के जेलों में भी बाहुबलियों ने हर प्रकार का फायदा लेते हुए अपने आपराधिक साम्रज्य को बढ़ाने का काम किया। सुकेश चंद्रशेखर ने करोड़ों रुपए तिहाड़ में बैठे-बैठे कमाए। यह सबकुछ भ्रष्टाचार की वजह से मुमकिन हो पाया। अगर इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो यह सब ऐसे ही चलता रहेगा।
--आईएएनएस
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