एलिमिनेटर में खुद को साबित करने के लिए बेताब होंगे वैभव, नहीं लेंगे दबाव: कुंबले
नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। राजस्थान रॉयल्स (आरआर) और सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) के बीच बुधवार को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 का एलिमिनेटर मैच खेला जाना है। भारत के पूर्व कप्तान अनिल कुंबले का मानना है कि युवा वैभव सूर्यवंशी में इस मैच के दबाव को संभालने का जज्बा और समझदारी है।
आईपीएल 2026 में वैभव ने 14 मुकाबलों में 583 रन बनाए हैं। कुंबले का मानना है कि 15 वर्षीय बल्लेबाज का निडर रवैया और खेल की समझ उन्हें बेहद कम उम्र के बावजूद एक खास टैलेंट बनाती है।
कुंबले ने 'जियोहॉटस्टार' से कहा, "वैभव सूर्यवंशी एलिमिनेटर में खुद को साबित करने के लिए बेताब होंगे। पिछले मुकाबले में एमआई के खिलाफ वह सिर्फ 4 रन बना सके थे, इसलिए यह उनके लिए एक नया मौका है। मुझे नहीं लगता कि वह इसे एक बहुत ज्यादा दबाव वाला नॉकआउट मैच मान रहे हैं। उन्हें बस मैदान पर अपना स्वाभाविक खेल खेलना चाहिए।"
भारत के पूर्व कोच ने इस सीजन की शुरुआत में लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) के खिलाफ वैभव की 93 रनों की अहम पारी का जिक्र करते हुए कहा कि उस पारी ने दिखाया कि यह युवा खिलाड़ी दबाव में भी अच्छा प्रदर्शन करने की काबिलियत रखता है।
कुंबले ने कहा, "15 साल के हिसाब से वह काफी समझदार हैं। हमने यह एलएसजी के खिलाफ उनकी 90 से ज्यादा रनों की पारी में देखा था, जब उन्होंने राजस्थान को एक 'करो या मरो' वाला मैच जिताने में मदद की थी। क्वालीफाई करने के लिए राजस्थान को अपने आखिरी दो मैच जीतने जरूरी थे, इसलिए वह पारी भी काफी दबाव में खेली गई थी। फिर भी, उन्होंने (वैभव) उसी आजादी के साथ खेला।"
कुंबले के अनुसार, वैभव की सोच और रवैया, चाहे मौका कोई भी हो, हमेशा एक जैसा ही रहता है; उनका मानना है कि एक किशोर में यह एक बहुत ही कम पाई जाने वाली खूबी है।
कुंबले ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि सिर्फ इसलिए कि यह एक एलिमिनेटर मैच है, वह अपना रवैया बदलेंगे। अगर गेंद उनके पसंदीदा जोन में होगी, तो वह उस पर जरूर शॉट लगाएंगे, लेकिन अगर हालात की मांग होगी, तो उन्हें यह भी पता है कि कब थोड़ा समय लेना है और पारी को आगे बढ़ाना है। इतनी कम उम्र में इस तरह की समझ होना बहुत ही कम देखने को मिलता है। चाहे लीग मैच हो या नॉकआउट, उनकी सोच हमेशा एक जैसी ही रहती है। यही बात उन्हें इतना खास बनाती है।"
--आईएएनएस
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