एल नीनो के असर से किसानों की परेशानी बढ़ी, फसल विविधीकरण और जल प्रबंधन पर जोर दे सरकार: एन. रामचंद्र राव
हैदराबाद, 19 जुलाई (आईएएनएस)। तेलंगाना भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने एल नीनो प्रभाव के कारण किसानों को हो रही परेशानियों को लेकर राज्य सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मौसम में बदलाव और पानी की कमी की वजह से किसान भारी नुकसान का सामना कर रहे हैं और उन्हें यह तय करने में मुश्किल हो रही है कि कौन-सी फसल की खेती करें।
एन. रामचंद्र राव ने कहा कि एल नीनो के प्रभाव ने किसानों की स्थिति को काफी प्रभावित किया है। सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता कम होने के कारण किसान चिंतित हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि केवल समिति बनाने तक सीमित न रहकर किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए जमीन पर प्रभावी कदम उठाए जाएं।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार समिति बनाती है तो उसे यह भी सुझाव देना चाहिए कि किसानों के लिए पानी के नए स्रोत कहां से उपलब्ध कराए जा सकते हैं। खासतौर पर उत्तर तेलंगाना के उन इलाकों पर ध्यान देने की जरूरत है, जहां कुछ जलाशय और पानी के अन्य स्रोत मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि इन संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कर किसानों को सिंचाई के लिए राहत दी जा सकती है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दक्षिण तेलंगाना के इलाकों का भी जिक्र करते हुए कहा कि वहां नागार्जुन सागर बांध जैसे बड़े जल स्रोत मौजूद हैं। सरकार को उत्तर और दक्षिण दोनों क्षेत्रों के किसानों को समान प्राथमिकता देनी चाहिए, ताकि पानी की कमी के कारण किसी भी किसान को नुकसान न उठाना पड़े।
रामचंद्र राव ने कहा कि तेलंगाना में धान और कपास दो प्रमुख फसलें हैं और किसान लंबे समय से इन्हीं फसलों पर अधिक निर्भर रहे हैं, लेकिन एल नीनो जैसे मौसम संबंधी बदलावों के कारण इन फसलों पर असर पड़ सकता है। ऐसे में सरकार को किसानों को दूसरी फसलों की ओर जाने के लिए जागरूक और प्रशिक्षित करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने से किसानों को मौसम की मार से बचाने में मदद मिल सकती है। सरकार को किसानों के बीच जागरूकता अभियान चलाकर उन्हें ऐसी फसलों के बारे में जानकारी देनी चाहिए, जिनमें कम पानी की जरूरत होती है और जो बदलते मौसम में बेहतर उत्पादन दे सकती हैं।
--आईएएनएस
पीआईएम/डीकेपी
