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एक पेड़ मां के नाम 3.0' से हरित चेतना को मिलेगा नया विस्तार, जुलाई में विद्यालयों में पर्यावरण संरक्षण का महाअभियान

लखनऊ, 3 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार विद्यालयों को पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की प्रयोगशाला बनाने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रही है। इसी क्रम में 'ईको क्लब्स फॉर मिशन लाइफ' के अन्तर्गत जुलाई माह का गतिविधि कैलेंडर जारी किया गया है। जुलाई माह का यह कैलेंडर विद्यालयों में हरित संस्कृति को मजबूत करने और मिशन लाइफ के उद्देश्यों को धरातल पर उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
 

लखनऊ, 3 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार विद्यालयों को पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की प्रयोगशाला बनाने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रही है। इसी क्रम में 'ईको क्लब्स फॉर मिशन लाइफ' के अन्तर्गत जुलाई माह का गतिविधि कैलेंडर जारी किया गया है। जुलाई माह का यह कैलेंडर विद्यालयों में हरित संस्कृति को मजबूत करने और मिशन लाइफ के उद्देश्यों को धरातल पर उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

कैलेंडर के अनुसार जुलाई मे पूरे महीने 'स्वस्थ जीवनशैली अपनाना' विषय पर आधारित गतिविधियां आयोजित होंगी, जिनका उद्देश्य विद्यार्थियों में प्रकृति संरक्षण, पर्यावरणीय उत्तरदायित्व और सतत जीवनशैली के प्रति व्यवहारिक दृष्टिकोण विकसित करना है। कैलेंडर में अभिभावकों और स्थानीय समुदाय की सहभागिता पर भी विशेष बल दिया गया है, ताकि पर्यावरण संरक्षण केवल विद्यालय तक सीमित न रहकर जनभागीदारी का अभियान बन सके।

योगी सरकार का उद्देश्य बच्चों में ऐसे व्यवहारिक संस्कार विकसित करना है, जो उन्हें प्रकृति के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनाए। जुलाई माह की सबसे प्रमुख गतिविधि 'एक पेड़ मां के नाम 3.0' अभियान होगी। इसके अंतर्गत विद्यालय परिसर, सार्वजनिक स्थलों तथा स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप उपयुक्त स्थानों पर पौधरोपण कराया जाएगा। विद्यार्थियों को पौधों के वैज्ञानिक, सामाजिक और पर्यावरणीय महत्व से अवगत कराया जाएगा, ताकि वे केवल पौधे लगाएं ही नहीं, बल्कि उनके संरक्षण का संकल्प भी लें।

कैलेंडर के अनुसार प्रत्येक लगाए गए पौधे की देखभाल, सिंचाई, संरक्षण और नियमित निगरानी की जिम्मेदारी विद्यार्थियों को सौंपी जाएगी। इसके साथ ही विद्यालयों में ईको क्लब्स के माध्यम से पौधों की प्रगति की समीक्षा तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े सामुदायिक प्रयासों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।

जुलाई के दौरान पोस्टर, स्लोगन, कोलाज, स्वतंत्र लेखन, वाद-विवाद और अन्य रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। विद्यार्थियों को प्रकृति भ्रमण के माध्यम से स्थानीय जैव विविधता, पौधों और प्राकृतिक संसाधनों का प्रत्यक्ष अध्ययन कराया जाएगा। दूसरे शनिवार को विशेष पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया जाएगा।

--आईएएनएस

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