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ईडी ने मिजोरम और मणिपुर में क्रॉस-बॉर्डर नार्को-हवाला नेटवर्क पर की कार्रवाई; 6 गिरफ्तार, 1424 बैंक अकाउंट फ्रीज

इंफाल, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। ईडी ने मिजोरम और मणिपुर में क्रॉस-बॉर्डर नार्को-हवाला नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही 1,424 बैंक अकाउंट फ्रीज किए गए है और 26.01 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी अटैच की गई है।
 

इंफाल, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। ईडी ने मिजोरम और मणिपुर में क्रॉस-बॉर्डर नार्को-हवाला नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही 1,424 बैंक अकाउंट फ्रीज किए गए है और 26.01 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी अटैच की गई है।

ईडी ने आइजोल और इंफाल सब-जोनल ऑफिस ने 23 अक्टूबर को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 (पीएमएलए) के सेक्शन 17 के तहत आइजोल, चंफाई और लॉन्गतलाई (मिजोरम) और चुराचांदपुर (मणिपुर) में कई जगहों पर कोऑर्डिनेटेड सर्च ऑपरेशन किए। ये तीन मामले म्यांमार से हेरोइन, ब्राउन शुगर और मेथामफेटामाइन टैबलेट की क्रॉस-बॉर्डर ट्रैफिकिंग और ड्रग्स से होने वाली कमाई के हवाला सेटलमेंट से जुड़े थे।

ऑपरेशन नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) और मिजोरम पुलिस के साथ मिलकर किया गया। उसी दिन ट्रैफिकिंग नेटवर्क के खिलाफ पैरेलल एक्शन लिया गया। कार्रवाई के दौरान ईडी ने मिजोरम और मणिपुर में नार्को-ट्रेड और नार्को-हवाला ऑपरेटरों से जुड़े 1,424 बैंक अकाउंट फ्रीज किए और मिजोरम में मौजूद नार्को-हवाला ऑपरेटरों की 17.82 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी को प्रोविजनली अटैच कर दिया।

ईडी ने पहले 8.19 करोड़ रुपये की संपत्ति को फ्रीज किया था, जिससे कुल सुरक्षित संपत्ति 26 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई। तलाशी के दौरान पीएमएलए की धारा 19 के तहत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। तीन आरोपियों को मिजोरम और तीन को मणिपुर में गिरफ्तार किया गया। चार और आरोपियों के खिलाफ प्रोडक्शन-फॉर-अरेस्ट एप्लीकेशन (जो अभी नारकोटिक्स मामलों में न्यायिक हिरासत में हैं) मिजोरम की स्पेशल कोर्ट में प्रोसेस की जा रही हैं।

ईडी ने एनडीपीएस एक्ट, 1985 के तहत एफआईआर के आधार पर तीन मामलों में जांच शुरू की। 14 मार्च 2025 को चम्फाई की जोखावथर पुलिस ने 4.722 किग्रा हेरोइन (440 साबुन के केस) जब्त करने से जुड़ा है, जिसे म्यांमार के एक सप्लायर के लिए जोखावथर से आइजोल ले जाया जा रहा था। 21 अगस्त 2025 को मिजोरम के सेलिंग के पास एनएच-6ए पर एक काफिले से एनसीबी, अगरतला की ओर से 49.101 किग्रा मेथामफेटामाइन टैबलेट और 40 ग्राम हेरोइन जब्त करने से जुड़ा है, जिसे म्यांमार के चिंटुआंग से दामछेरा-कन्हमुन बॉर्डर पर डिलीवरी के लिए लाया गया था।

वहीं, 2 जुलाई 2026 को मणिपुर की चुराचांदपुर पुलिस की ओर से 2.413 किग्रा ब्राउन शुगर और 31.43 लाख रुपये कैश जब्त किए जाने से जुड़ा है। यह कैश म्यांमार से सप्लाई की गई ड्रग्स की बिक्री से मिला पैसा था, जिसे चुराचांदपुर में सप्लायर्स को भेजने के लिए इकट्ठा किया गया था। तीनों मामलों की जांच से एक आपस में जुड़े नार्को-हवाला इकोसिस्टम का पता चला, जिसमें चम्फाई, आइजोल और लॉन्गतलाई में एक ही बैंक अकाउंट से मणिपुर, मिजोरम, असम और त्रिपुरा में बनी ड्रग्स की रकम ली जाती है और इसे म्यांमार में सप्लायर्स के साथ सेटल किया जाता है।

म्यांमार के साथ नॉर्थ-ईस्ट 1,643 किलोमीटर का पोरस बॉर्डर शेयर करता है। गोल्डन ट्राएंगल में बनने वाली ड्रग्स के लिए मुख्य लैंड कॉरिडोर के रूप में उभरा है। मिजोरम और मणिपुर में आने वाली हेरोइन और मेथामफेटामाइन टैबलेट्स को वहीं इस्तेमाल किया जाता है और असम के रास्ते बाकी भारत और बांग्लादेश भेजा जाता है। इस चेन से कमाए गए ड्रग्स के पैसे म्यांमार के सप्लायर्स के साथ सेटलमेंट के लिए मिजोरम के बॉर्डर वाले शहरों में वापस जाते हैं।

--आईएएनएस

एसडी/पीएम