Aapka Rajasthan

ईडी का बड़ा एक्शन- मनी लॉन्ड्रिंग जांच में 3.87 करोड़ की संपत्ति अस्थायी रूप से जब्त

रांची, 13 जुलाई (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रांची जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत संतोष कंस्ट्रक्शन और उसके सहयोगी संतोष कुमार सिंह, मृत्युंजय कुमार उर्फ सोनू सिंह, मनीष कुमार, बैजनाथ गंझू, राजेश कुमार गंझू, और रवींद्र गंझू के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत लगभग 3.87 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त किया है।
 

रांची, 13 जुलाई (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रांची जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत संतोष कंस्ट्रक्शन और उसके सहयोगी संतोष कुमार सिंह, मृत्युंजय कुमार उर्फ ​​सोनू सिंह, मनीष कुमार, बैजनाथ गंझू, राजेश कुमार गंझू, और रवींद्र गंझू के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत लगभग 3.87 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त किया है।

ईडी ने यह जांच झारखंड के लातेहार जिले के चंदवा पुलिस स्टेशन में दर्ज दो एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। बाद में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने इन्हें फिर से दर्ज किया और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) 1860, आर्म्स एक्ट और गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) 1967 के विभिन्न प्रावधानों के तहत जांच की।

इस मामले से जुड़ी एक एफआईआर 22 नवंबर 2019 को लातेहार के एच-75, लुकुइया मोड़ पर हुए माओवादी हमले से संबंधित है, जिसमें झारखंड पुलिस के चार जवान शहीद हो गए थे और हथियार/गोला-बारूद लूट लिए गए थे। दूसरी एफआईआर जबरन वसूली/लेवी के तौर पर 5 लाख रुपए नकद जब्त किए जाने से संबंधित है। यह रकम संतोष कंस्ट्रक्शन के पार्टनर मृत्युंजय कुमार उर्फ ​​सोनू सिंह ने सीपीआई (माओवादी), जो एक प्रतिबंधित नक्सली संगठन है, के लातेहार रीजनल कमांडर रवींद्र गंझू को दी थी।

इस मामले में तय अपराधों से हुई कुल अवैध कमाई (पीओसी) का अनुमान लगभग 7.16 करोड़ रुपए लगाया गया है। यह अवैध कमाई नकद के रूप में हुई थी। इसमें से 2.69 करोड़ रुपए एनआईए ने अपनी तलाशी कार्रवाई के दौरान नकद बरामद किए थे। बाकी 4.46 करोड़ रुपए की रकम को वित्त वर्ष 2017-18 और 2018-19 के दौरान फर्म में पूंजी के तौर पर लगाया और घुमाया गया था।

जांच में यह भी पता चला कि बैंकिंग जांच से बचने के लिए कम कीमत वाले सेल डीड और बिना हिसाब-किताब वाले नकद भुगतान का इस्तेमाल करके, झारखंड के लातेहार जिले के मौजा चंदवा और मौजा कामता में 11 अचल संपत्तियां खरीदी गईं। ये संपत्तियां संतोष कंस्ट्रक्शन, संतोष कुमार सिंह, मृत्युंजय कुमार उर्फ ​​सोनू सिंह और मनीष कुमार के नाम पर खरीदी गईं और इस तरह अपराध से हुई कमाई (पीओसी) को औपचारिक अर्थव्यवस्था में शामिल किया गया।

इसके अनुसार, ईडी ने पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत, अपराध से हुई कमाई (पीओसी) और उसके बराबर मूल्य वाली इन 11 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। इन संपत्तियों की कीमत लगभग 3.87 करोड़ रुपए है। वहीं, ईडी की ओर से इस मामले से संबंधित आगे की जांच जारी है।

--आईएएनएस

डीके/डीकेपी