Aapka Rajasthan

ईडी अहमदाबाद ने स्टॉक मार्केट धोखाधड़ी मामले में की बड़ी जब्ती, 4 करोड़ से ज्यादा की सोना-चांदी और नकदी बरामद

अहमदाबाद, 1 जनवरी (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अहमदाबाद जोनल ऑफिस ने स्टॉक मार्केट निवेश धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत महत्वपूर्ण जब्ती की है।
 
ईडी अहमदाबाद ने स्टॉक मार्केट धोखाधड़ी मामले में की बड़ी जब्ती, 4 करोड़ से ज्यादा की सोना-चांदी और नकदी बरामद

अहमदाबाद, 1 जनवरी (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अहमदाबाद जोनल ऑफिस ने स्टॉक मार्केट निवेश धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत महत्वपूर्ण जब्ती की है।

ईडी ने मुख्य आरोपी हिमांशु उर्फ पिंटू भावसार और अन्य के ठिकानों से 110 किलोग्राम चांदी के बिस्किट (कीमत करीब 2.4 करोड़ रुपए), 1.296 किलोग्राम सोने के बिस्किट (कीमत लगभग 1.7 करोड़ रुपए), 39.7 किलोग्राम चांदी के गहने, 38.8 लाख रुपए नकद भारतीय मुद्रा, 10.6 लाख रुपए के बराबर विदेशी मुद्रा और विभिन्न संपत्तियों के दस्तावेज जब्त किए हैं। कुल जब्ती की अनुमानित कीमत 4 करोड़ रुपए से अधिक है। ये सभी संपत्तियां अपराध की कमाई मानी गई हैं।

यह कार्रवाई खेरालू पुलिस स्टेशन, जिला मेहसाणा में दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई, जिसमें हिमांशु भावसार और अन्य पर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत धोखाधड़ी का आरोप है। एफआईआर के अनुसार, आरोपी ने शिकायतकर्ता को स्टॉक मार्केट में निवेश कर भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया, लेकिन निवेशक का पैसा कभी किसी कंपनी के शेयर में नहीं लगाया गया। बल्कि, इसे व्यक्तिगत फायदे के लिए इस्तेमाल किया गया। जांच में पता चला कि गुजरात समेत अन्य राज्यों में कम से कम 6 और एफआईआर दर्ज हैं, जिनमें कुल धोखाधड़ी की राशि 10.87 करोड़ रुपए है।

मास्टरमाइंड हिमांशु भरतकुमार भावसार ने मेहसाणा, विसनगर और वडनगर में कई ऑफिस खोले थे, जहां आम जनता से स्टॉक मार्केट निवेश के नाम पर पैसे जुटाए जाते थे। आरोपी ने उच्च रिटर्न का वादा कर निवेशकों को लुभाया और नियमित फोन कॉल्स के लिए कर्मचारियों को रखा था।

पीएमएलए जांच में सामने आया कि हिमांशु ने सेबी द्वारा जारी इन्वेस्टमेंट एडवाइजर सर्टिफिकेट का दुरुपयोग किया। उन्होंने अपनी व्यक्तिगत क्षमता में विश्वास स्टॉक्स रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड, दलाल स्टॉक्स एडवाइजरी प्राइवेट लिमिटेड और देवकी स्टॉक्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से गैर-पंजीकृत इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी गतिविधियां चलाईं।

इन तीनों कंपनियों के पास 'सेबी' से कोई वैध रजिस्ट्रेशन नहीं था। सेबी ने अपने आदेश में इन कंपनियों और हिमांशु भावसार को नियमों के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

--आईएएनएस

एससीएच