ईसीआई ने अंतर्राष्ट्रीय चुनाव आगंतुक कार्यक्रम शुरू किया, 23 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे
नई दिल्ली, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने असम, केरल और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर अंतर्राष्ट्रीय चुनाव आगंतुक कार्यक्रम (आईईवीपी) 2026 की शुरुआत कर दी है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने निर्वाचन आयुक्त डॉ. एस.एस. संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (आईआईआईडीईएम) में इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया। सीईसी ज्ञानेश कुमार ने कहा कि चुनाव आयोग भारत में चुनावों को लोकतंत्र का उत्सव मानता है। उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे राज्यों का दौरा करें, सीखें और भारत की विविधता का अनुभव करें। आयोग मिशन मोड में काम करके निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित चुनाव सुनिश्चित करता है।
कार्यक्रम के पहले चरण में 23 देशों के 43 प्रतिनिधि शामिल हैं। इनमें दिल्ली स्थित पांच विदेशी मिशनों के अधिकारी भी हैं। आज आईआईआईडीईएम में प्रतिनिधियों को ईवीएम का प्रदर्शन दिखाया गया। उन्होंने मॉक पोल (नकली मतदान) में हिस्सा लेकर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन का प्रत्यक्ष अनुभव लिया।
प्रतिनिधियों ने भारत की चुनाव प्रक्रिया में अपनाए गए तकनीकी उपायों और सुरक्षा व्यवस्थाओं में खास रुचि दिखाई। उन्होंने विशेषज्ञों के साथ संवाद सत्र में अपनी शंकाओं और सवालों के जवाब भी लिए।
8 और 9 अप्रैल को ये प्रतिनिधि असम, केरल और पुडुचेरी का दौरा करेंगे। वे डिस्पैच सेंटर, वितरण केंद्र, जिला नियंत्रण कक्ष और मीडिया निगरानी केंद्रों समेत विभिन्न चुनाव सुविधाओं का निरीक्षण करेंगे। दूसरे चरण में, 20 अप्रैल से प्रतिनिधि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु का दौरा करेंगे।
आईईवीपी आयोग का एक प्रमुख कार्यक्रम है। इसका मकसद अन्य देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों (ईएमबी) और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ सहयोग बढ़ाना है। यह कार्यक्रम भारत के चुनावी ढांचे, संस्थागत व्यवस्था और परिचालन संरचना की विस्तृत जानकारी देता है। साथ ही विदेशी प्रतिनिधियों को भारत की सर्वोत्तम चुनाव प्रथाओं और नवाचारों से परिचित कराता है।
भारत निर्वाचन आयोग दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में निष्पक्ष चुनाव कराने की अपनी प्रक्रियाओं को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने प्रस्तुत करता है। आईईवीपी के जरिए ईसीआई अन्य देशों के साथ अनुभव साझा करता है और वैश्विक स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने में योगदान देता है।
इस कार्यक्रम से विदेशी प्रतिनिधि भारत की स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव व्यवस्था को करीब से समझ सकेंगे। आयोग का मानना है कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम चुनाव प्रबंधन में वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देते हैं।
--आईएएनएस
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