ई-मुद्रा सुरक्षा घटना पर इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय सख्त, जांच के लिए विशेष टीम गठित
नई दिल्ली, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने ई-मुद्रा की पब्लिक की इंफ्रास्ट्रक्चर (पीकेआई) से जुड़ी एक सुरक्षा घटना को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही कई आशंकाएं भ्रामक हैं और इसके वास्तविक प्रभाव को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जारी बयान में कहा कि ई-मुद्रा दो अलग-अलग क्षेत्रों में कार्य करती है। पहला, डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट और ई-हस्ताक्षर सेवाएं जारी करना, जो मंत्रालय के अंतर्गत नियंत्रक प्रमाणन प्राधिकरण (सीसीए) द्वारा विनियमित हैं। दूसरा, ऐसे डिजिटल प्रमाणपत्र जारी करना, जिन पर प्रमुख वेब ब्राउजर और ऑपरेटिंग सिस्टम भरोसा करते हैं और जिनका उपयोग वेबसाइटों, सॉफ्टवेयर तथा ऑनलाइन संचार को सुरक्षित बनाने के लिए किया जाता है।
मंत्रालय के अनुसार, सामने आई सुरक्षा घटना ई-मुद्रा के दूसरे कार्यक्षेत्र से संबंधित है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर के ट्रस्ट फ्रेमवर्क के तहत संचालित होता है। यह व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय मानकों के अधीन है और इसकी स्वतंत्र ऑडिटिंग की जाती है, जिसमें बीडीओ इंटरनेशनल लिमिटेड द्वारा किए जाने वाले वेबट्रस्ट ऑडिट भी शामिल हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इस विशेष क्षेत्र की ऑडिट प्रक्रिया में मंत्रालय की कोई भूमिका नहीं होती है। मंत्रालय ने कहा कि इस घटना का भारतीय वेबसाइटों और एप्लिकेशनों पर प्रभाव बेहद सीमित रहा और वह भी बहुत कम समय के लिए था।
मंत्रालय ने बताया कि वह सभी संबंधित पक्षों के साथ लगातार संपर्क में है ताकि स्थिति का जल्द से जल्द समाधान किया जा सके। वहीं, भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम ने भी इस मामले को लेकर एडवाइजरी जारी की है, जिसमें जोखिम कम करने के लिए आवश्यक उपायों की जानकारी दी गई है।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद मामले से संबंधित विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। फिलहाल, मंत्रालय ने लोगों से अफवाहों और भ्रामक दावों पर ध्यान न देने तथा आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।
--आईएएनएस
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