Aapka Rajasthan

द्वारका जिला पुलिस की बड़ी कामयाबी: 2025 में 82 उद्घोषित अपराधी गिरफ्तार, 'नो प्लेस टू हाइड' की रणनीति सफल

नई दिल्ली, 5 जनवरी (आईएएनएस)। द्वारका जिला पुलिस की पीओ/जेल बेल सेल ने 2025 में लगातार और प्रभावी कार्रवाई करते हुए उद्घोषित अपराधियों के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस की ओर से सोमवार को एक प्रेस नोट जारी कर इस संबंध में जानकारी दी गई।
 
द्वारका जिला पुलिस की बड़ी कामयाबी: 2025 में 82 उद्घोषित अपराधी गिरफ्तार, 'नो प्लेस टू हाइड' की रणनीति सफल

नई दिल्ली, 5 जनवरी (आईएएनएस)। द्वारका जिला पुलिस की पीओ/जेल बेल सेल ने 2025 में लगातार और प्रभावी कार्रवाई करते हुए उद्घोषित अपराधियों के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस की ओर से सोमवार को एक प्रेस नोट जारी कर इस संबंध में जानकारी दी गई।

'नो प्लेस टू हाइड' की नीति पर काम करते हुए द्वारका पुलिस ने इस वर्ष कुल 82 फरार/उद्घोषित अपराधियों को ट्रेस कर गिरफ्तार या न्यायिक हिरासत में चिन्हित किया है। ये सभी अपराधी गंभीर और जघन्य आपराधिक मामलों में वांछित थे। यह अभियान अदालत की प्रक्रियाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और फरार अपराधियों पर शिकंजा कसने के उद्देश्य से चलाया गया। पूरी कार्रवाई डीसीपी द्वारका जिला के मार्गदर्शन और राम अवतार की रणनीतिक निगरानी में की गई, जिसे पीओ/जेल बेल सेल की टीम ने सतत मॉनिटरिंग और फॉलोअप के साथ अंजाम दिया।

वर्ष 2025 के दौरान अपनाई गई रणनीति के तहत 82 उद्घोषित अपराधियों पर कानूनी कार्रवाई की गई, जिसमें छापेमारी कर 36 अपराधियों की गिरफ्तारी, फरार अपराधियों पर लगातार निगरानी, ठोस खुफिया जानकारी जुटाना, लक्षित छापेमारी और सटीक कार्रवाई शामिल है।

इस कार्रवाई के दौरान डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से 46 अपराधियों की पहचान की गई। ये अपराधी पहले से न्यायिक हिरासत में पाए गए। डिजिटल वेरिफिकेशन के जरिए उनकी स्थिति की पुष्टि की गई। पीओ/जेल बेल सेल ने आधुनिक तकनीक को पारंपरिक पुलिसिंग के साथ जोड़ते हुए राष्ट्रीय आपराधिक न्याय प्लेटफॉर्म्स का सुनियोजित उपयोग किया, जिनमें आईसीजेएस (इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम), ई-प्रिजन्स पोर्टल और पीओएमएस (प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर मैनेजमेंट सिस्टम) शामिल हैं। इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए न केवल अपराधियों की त्वरित पहचान संभव हुई, बल्कि जेल और न्यायालयों के साथ बेहतर समन्वय भी स्थापित किया गया।

वर्ष 2025 में ट्रेस और गिरफ्तार किए गए उद्घोषित अपराधी कई संगीन मामलों में शामिल थे, जिनमें लूट और डकैती, महिलाओं के खिलाफ अपराध, धोखाधड़ी और वित्तीय अपराध, आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले और आईपीसी व अन्य संबद्ध कानूनों के तहत गंभीर अपराध शामिल है।

कार्रवाई कर रही टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर मनीष यादव (इंचार्ज) ने किया। उनके साथ इस अभियान में एसआई बलजीत, एएसआई हंसराज, हेड कांस्टेबल प्रदीप, हेड कांस्टेबल कुलवंत, हेड कांस्टेबल महेश डागर, हेड कांस्टेबल महेश कुमार, हेड कांस्टेबल अजीत कुमार, कांस्टेबल अंकुर, कांस्टेबल जयदीप, महिला हेड कांस्टेबल पूनम, महिला कांस्टेबल रोशनी तथा महिला कांस्टेबल सुरेंद्र कौर शामिल रहे।

--आईएएनएस

पीएसके