दूसरा टी20: वेस्टइंडीज के खिलाफ बढ़त दोगुना करना भारत का लक्ष्य, अहम फैसला लेना चुनौती
रांची, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत-वेस्टइंडीज के बीच शुक्रवार को जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम कॉम्प्लेक्स में टी20 सीरीज का दूसरा मैच खेला जाएगा, जिसमें टीम इंडिया अपनी शुरुआती बढ़त को 2-0 में तब्दील करने की कोशिश करेगी। हालांकि, मेजबान टीम के सामने कुछ ऐसे फैसले लेने की चुनौती है जो एक मजबूत पक्ष की परीक्षा ले सकते हैं।
संजू सैमसन का लगातार रन न बना पाना और मयंक यादव का महंगा साबित होना मैनेजमेंट को बदलाव के बारे में सोचने पर मजबूर कर सकता है। सैमसन ने अपनी पिछली चार पारियों में सिर्फ 9, 7, 2 और 11 रन बनाए हैं। वैभव सूर्यवंशी भारतीय टीम का हिस्सा हैं, ऐसे में 15 वर्षीय सलामी बल्लेबाज एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। सूर्यवंशी अपने आक्रामक अंदाज से पावरप्ले में जमकर रन बटोरने की काबिलियत रखते हैं।
हालांकि, अभी मैनेजमेंट को यह तय करना है कि क्या एक खराब दौर सैमसन को टीम से बाहर करने के लिए काफी है, या फिर इस अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज को वापसी का एक और मौका दिया जाए?
गेंदबाजी संयोजन को लेकर भी एक फैसला लेना होगा। लखनऊ में मयंक ने अपने पहले ओवर में 16 रन दिए और कुल मिलाकर उनका प्रदर्शन महंगा रहा, हालांकि उन्होंने आखिर में शेरफेन रदरफोर्ड को आउट किया। भारत के लिए नमन धीर ने 31/3 के आंकड़े के साथ शानदार गेंदबाजी की, जबकि कुलदीप यादव और अक्षर पटेल ने दो-दो विकेट लिए।
इसलिए भारत तेज गेंदबाजी के लिए किसी दूसरे कॉम्बिनेशन पर विचार कर सकता है, जिसमें नितिश कुमार रेड्डी जैसे खिलाड़ी एक अतिरिक्त विकल्प हो सकते हैं, लेकिन मैनेजमेंट को यह भी पता होगा कि नई गेंद के साथ उनका इस्तेमाल करने से हमेशा मनचाहे नतीजे नहीं मिले हैं।
रांची में चुनौती और भी कड़ी होगी, क्योंकि यहां का मैदान ऐतिहासिक रूप से लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमों के लिए फायदेमंद रहा है। इस मैदान पर खेले गए सात टी20 मैचों में से चार में दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती है। पहली पारी का औसत स्कोर 138 है, जबकि दूसरी पारी का औसत 111 है।
हालांकि, इस मैदान पर बड़े स्कोर भी बने हैं। श्रीलंका के खिलाफ भारत का 196/6 इस मैदान पर सबसे बड़ा टी20 स्कोर है, जबकि भारत के खिलाफ न्यूजीलैंड का 155/3 सबसे सफल रन-चेज है। पिच के ठोस होने और उस पर घास की एकसमान परत होने की उम्मीद है, जिससे गेंद बल्ले पर अच्छी तरह आ सकती है और नई गेंद से गेंदबाजी करने वाले गेंदबाजों को शुरुआत में कुछ मदद मिल सकती है।
भारतीय टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन, संजू सैमसन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, नितीश कुमार रेड्डी, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव, मयंक यादव।
वेस्टइंडीज: शाई होप (कप्तान/विकेटकीपर), रोस्टन चेस, मैथ्यू फोर्ड, शिमरोन हेटमायर, अकील होसेन, आमिर जांगू, शमार जोसेफ, गुडाकेश मोती, कीमो पॉल, कामिल पूरन, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, क्वेंटिन सैमसन, रोमारियो शेफर्ड, शमर स्प्रिंगर।
--आईएएनएस
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