दुर्गा प्रतिमा विसर्जन पर बोले कुणाल घोष, मां दुर्गा का आशीर्वाद सबके लिए
कोलकाता, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता कुणाल घोष ने दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान केवल सनातनी लोगों को प्रतिमा छूने देने संबंधी टिप्पणी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मां दुर्गा का आशीर्वाद सभी लोगों के लिए है और हिंदू धर्म का संदेश सबको साथ लेकर चलने का है। इसके अलावा, उन्होंने मालदा में भाजपा कार्यकर्ता की मौत, संभावित फ्लोर टेस्ट और विपक्ष की भूमिका को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। घोष ने भाजपा पर तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ आरोप लगाने का आरोप लगाया, वहीं फ्लोर टेस्ट को लेकर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की चुनौती स्वीकार करने की बात कही।
दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान केवल सनातनी लोगों को प्रतिमा छूने देने संबंधी बयान पर कुणाल घोष ने सवाल किया कि मुख्यमंत्री की ओर से इस तरह की बात कैसे कही जा सकती है। उन्होंने कहा कि शास्त्रों के अनुसार, दुर्गा पूजा के पंडाल में पुरोहित द्वारा विसर्जन की धार्मिक प्रक्रिया पूरी कर दी जाती है। नदी के किनारे प्रतिमा का विसर्जन इस प्रक्रिया का अंतिम हिस्सा होता है। मां दुर्गा हिंदुओं की देवी हैं, लेकिन मां का आशीर्वाद सभी लोगों को मिलना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि इस तरह की टिप्पणी किस प्रकार के हिंदुत्व और सनातन धर्म की बात करती है।
उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि इसमें समाज के अलग-अलग वर्गों के लोगों का योगदान और जुड़ाव भी शामिल है। घोष ने उदाहरण देते हुए कहा कि दुर्गा प्रतिमा बनाने में इस्तेमाल होने वाली मिट्टी कौन लाता है, पूजा में चढ़ाए जाने वाले फूल किसके बगीचे में उगते हैं, और त्योहार के दौरान पहने जाने वाले कपड़े कौन तैयार करता है। ऐसे सवाल उठाकर लोगों को अलग-अलग वर्गों में बांटना उचित नहीं है। दुर्गा पूजा से जुड़े विभिन्न कार्यों में अनेक समुदायों के लोग योगदान देते हैं।
मालदा में भाजपा कार्यकर्ता की मौत के मामले पर कुणाल घोष ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस पर आरोप लगाना भाजपा की आदत बन गई है। मामले की वास्तविक स्थिति जानने के लिए जानकारी जुटानी होगी। यह देखना जरूरी है कि घटना के पीछे क्या कारण था। तृणमूल कांग्रेस भी इस घटना के बारे में जानकारी एकत्र कर रही है।
संभावित फ्लोर टेस्ट के मुद्दे पर कुणाल घोष ने विपक्ष के नेता और उनकी टीम पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का एक हिस्सा भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है और वास्तविक विपक्ष की भूमिका नहीं निभा रहा है। घोष ने मुख्यमंत्री के उस बयान का हवाला दिया, जिसमें कथित तौर पर कहा गया कि फ्लोर टेस्ट होने पर विपक्ष के कुछ सदस्य भी उनके पक्ष में मतदान कर सकते हैं।
उन्होंने यह भी सवाल किया कि जब सरकार के खिलाफ कोई अविश्वास प्रस्ताव नहीं है तो फ्लोर टेस्ट की चर्चा क्यों की जा रही है। घोष ने दावा किया कि इसके पीछे राजनीतिक कारण हो सकते हैं और भाजपा तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के बीच मतभेदों की भूमिका भी हो सकती है। घोष ने आगे कहा कि यदि मुख्यमंत्री फ्लोर टेस्ट कराना चाहते हैं तो उनकी पार्टी इसके लिए तैयार है।
--आईएएनएस
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