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नकली खाद देकर किसानों को ठगा जा रहा : प्रमोद कुमार सिंह

औरंगाबाद, 22 अगस्त (आईएएनएस)। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कि किसानों को डीएपी खाद पर अपनी निर्भरता कम करते हुए अन्य खादों को भी अपनाना होगा।
 

औरंगाबाद, 22 अगस्त (आईएएनएस)। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कि किसानों को डीएपी खाद पर अपनी निर्भरता कम करते हुए अन्य खादों को भी अपनाना होगा।

प्रमोद कुमार सिंह ने शनिवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि अगर किसान डीएपी पर ज्यादा फोकस करेंगे तो सिंडिकेट बनाकर कालाबाजारी करने वाले लोगों का मनोबल बढ़ेगा। डीएपी के नाम पर डुप्लीकेट खाद देकर किसानों को ठगा जा रहा है। किसान खुद ठगी का शिकार हो रहे हैं। डीएपी के अलावा अन्य खाद भी खेतीबाड़ी में काफी उपयोगी साबित हो सकती है। बीते दिनों हमारी इस संबंध में कृषि अधिकारियों से भी बात हुई थी, लेकिन अफसोस की बात है कि हमारे किसान भाई इस बात को समझने के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं। अगर ऐसी स्थिति हमारे किसान भाइयों के साथ कुछ गलत होता है तो इसके लिए खुद हमारे किसान भाई जिम्मेदार होंगे। किसान भाइयों को कम से कम कृषि अधिकारियों की बातों को तो गंभीरता से लेना चाहिए, ताकि आगे की तस्वीर साफ हो सके।

विधायक प्रमोद कुमार ने कहा कि किसानों को जागरूक करने के संबंध में कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। हम उन्हें खेतीबाड़ी के बारे में पूरी बुनियादी जानकारी देते हैं, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की समस्या न हो। मुझे यह कहते हुए अफसोस हो रहा है कि बहुत बड़ी संख्या में हमारे किसान भाई इस तरह के कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाते हैं। अब स्थिति ऐसी पैदा हो चुकी है कि किसानों को डीएपी का ही खाद चाहिए। अब व्यवहारिक जीवन में यह संभव नहीं है, क्योंकि मौजूदा समय में डीएपी खाद की मांग अपने चरम पर है, जबकि इसके विपरीत इसकी आपूर्ति कम है। ऐसी स्थिति में हमारे किसान भाइयों को यह समझना होगा कि डीएपी के इतर अन्य खाद भी उनके लिए कारगर साबित हो सकते हैं।

उन्होंने कहा कि हमारी किसान भाइयों से अपील है कि वह कृषि अधिकारियों के सुझावों को गंभीरता से लेते हुए डीएपी के इतर अन्य खादों को भी अपनी खेतीबाड़ी में इस्तेमाल करें। इससे उन्हें निश्चित तौर पर फायदा पहुंचेगा। हम कृषि अधिकारियों की बातों को गंभीरता से ले सकते हैं, क्योंकि उनके पास इस संबंध में पूरी विधिवत जानकारी होती है। उन्होंने इस संबंध में पूरा प्रशिक्षिण लिया होता है। ऐसी स्थिति हम उनके सुझावों को विश्वसनीय मान सकते हैं।

इसके अलावा, डीएपी का खाद प्राप्त करने वाले किसानों ने भी समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत की। किसान उदय कुमार टेंगरा ने कहा कि वो डीएपी का खाद लेकर आए हैं।

एक अन्य किसान ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि खेतीबाड़ी की स्थिति अभी ठीक नहीं चल रही है। खाद की कीमत 2 हजार रुपए के पार जा चुकी है। हम भी खाद लेकर आए हैं। खेती के दौरान पानी की भी दिक्कत हो रही है। सिंचाई की बहुत समस्या हो रही है। रोपाई हो चुकी है, लेकिन अभी तक सिंचाई नहीं हो पाई है। नहर में भी पानी नहीं है।

--आईएएनएस

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