'दुख की इस घड़ी में मैं अपने गांव जा रहा हूं', दादी के निधन के बाद अभिजीत दिपके ने दी जानकारी
नई दिल्ली, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके अपने गांव जा रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर ये जानकारी दी है। अभिजीत दिपके की दादी का निधन हो गया है। अभिजीत की मां अनिता दिपके ने दावा किया है कि हिरासत में लिए गए पोते को दादी के अंतिम संस्कार में शामिल होने की इजाजत नहीं दी गई थी। इसके लिए उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया।
अभिजीत दिपके की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा गया, "दुख की इस घड़ी में अपने परिवार के साथ रहने के लिए मैं अपने गांव लौट रहा हूं। सौरव और आशु जल्द ही दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। सीजेपी न तो पीछे हटेगी और न ही डरेगी। 10 अक्टूबर को इस तानाशाही के अंत की शुरुआत के तौर पर याद किया जाएगा।"
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से रविवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया गया, "एक बड़ी कानूनी जीत में दिल्ली की एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सीजेपी के नेताओं अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रंका को रिहा कर दिया है। दिल्ली पुलिस ने उन्हें लगभग 24 घंटे तक गैर-कानूनी रूप से एहतियातन हिरासत में रखा था।"
इन नेताओं को रविवार सुबह दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (एसईएम) के सामने पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें 50,000 रुपये का श्योरिटी बॉन्ड भरने और सार्वजनिक शांति बनाए रखने का वचन देने पर रिहा करने का आदेश दिया।
कोर्ट के आदेश के बाद सीजेपी की लीगल अफेयर्स हेड रत्ना सिंह ने उनकी रिहाई की पुष्टि की। वहीं, पार्टी नेतृत्व ने आज दोपहर 2:00 बजे नई दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की घोषणा की है, जिसमें इस गैर-कानूनी कार्रवाई के बारे में मीडिया से बात की जाएगी और पार्टी के आगामी लोकतांत्रिक आंदोलन की जानकारी दी जाएगी।
बता दें कि शनिवार को अभिजीत दिपके की दादी का हिंगोली जिले में उनके पैतृक गांव संटुक पिंपरी में निधन हो गया था। वह पिछले कुछ दिनों से बीमार थीं। अभिजीत दिपके की मां अनीता दिपके ने रविवार को मीडिया से बात करते हुए कहा, "अगर अभिजीत को कल रिहा कर दिया जाता, तो वह अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल हो सकते थे। अब वह उनका चेहरा आखिरी बार देख भी नहीं पाएंगे।"
अभिजीत दिपके की मां अनीता दिपके ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा, "उन्होंने ऐसा क्या गुनाह किया था कि उन्हें अपनी दादी के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं होने दिया गया? उन्होंने क्या अपराध किया है? क्या वह कोई आतंकवादी या देशद्रोही हैं? सरकार तो गलत काम करने वालों को भी अपने-आप रिहा कर देती है। मेरे बेटे ने क्या गलत किया था? उन्हें हवाई जहाज से ले जाया गया, फिर भी उन्हें अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल होने की इजाजत नहीं दी गई।"
--आईएएनएस
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