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डीटीसी के बेडे में 200 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल करेगी दिल्ली सरकार

नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली सरकार शुक्रवार को राजधानी दिल्ली के नागरिकों के लिए सार्वजनिक परिवहन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण पहलों को समर्पित करेगी, जो सतत गतिशीलता को और अधिक मजबूत बनाने और दिल्ली परिवहन निगम के बुनियादी ढांचे को आधुनिकीकरण करने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण कदम है।
 
डीटीसी के बेडे में 200 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल करेगी दिल्ली सरकार

नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली सरकार शुक्रवार को राजधानी दिल्ली के नागरिकों के लिए सार्वजनिक परिवहन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण पहलों को समर्पित करेगी, जो सतत गतिशीलता को और अधिक मजबूत बनाने और दिल्ली परिवहन निगम के बुनियादी ढांचे को आधुनिकीकरण करने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण कदम है।

स्वच्छ परिवहन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के तहत दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के बेड़े में 200 नई जीरो-एमिशन वाली इलेक्ट्रिक बसों को शामिल किया जाएगा। दिल्ली में नई सरकार बनने के बाद से लेकर अब तक करीब 2184 इलेक्ट्रिक बसों को डीटीसी के बेड़े में शामिल किया जा चुका है। इस नई बढ़ोतरी के साथ डीटीसी बेड़े की कुल संख्या बढ़कर लगभग 6300 बसों तक पहुंच जाएगी, जिसमें 4538 इलेक्ट्रिक बसें और 1759 सीएनजी बसें शामिल हैं। राजधानी दिल्ली पहले ही देश में सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक बस बेड़ा बनने का गौरव हासिल कर चुकी है।

दिल्ली में अभी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर आधारित एक व्यवस्थित और समयबद्ध प्लीट विस्तार योजना प्रगति पर है। इस योजना के तहत वित्त वर्ष 2028–29 तक राजधानी दिल्ली में कुल बसों का बेड़ा बढ़ाकर लगभग 14000 तक करने का लक्ष्य है, जिससे सस्टेनेबल शहरी परिवहन के क्षेत्र में दिल्ली की अग्रणी भूमिका और ज्यादा मजबूत होगी। नई शामिल की जाने वाली बसें लो-फ्लोर और एयर-कंडीशन्ड हैं, जिनमें सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन, रियल-टाइम ट्रैकिंग सिस्टम के साथ ही दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव सुनिश्चित करती हैं।

ग्रीन रीजनल कनेक्टिविटी को और ज्यादा मजबूत करते हुए दिल्ली और रोहतक के बीच एक नई अंतरराज्यीय इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू की जाएगी। यह डीटीसी की पहले से संचालित उन अंतर-राज्यीय इलेक्ट्रिक बस सेवाओं को आगे बढ़ाती है, जो राजधानी दिल्ली को बड़ौत (उत्तर प्रदेश), दिल्ली-सोनीपत, दिल्ली-धारूहेड़ा, और दिल्ली-पानीपत (हरियाणा) से जोड़ती हैं। साथ ही, यह नानकसर (दिल्ली) को यूपी के गाजियाबाद के पुराने बस स्टैंड से भी जोड़ती है, जिससे सतत क्षेत्रीय गतिशीलता को बेहद मजबूती मिलती है।

दिल्ली से रोहतक रूट आईएसबीटी कश्मीरी गेट और पीरागढ़ी चौक से होकर गुजरेगा, जिसमें टिकरी बॉर्डर, बहादुरगढ़, रोहद, सांपला और रोहतक बस स्टैंड जैसे प्रमुख पड़ाव शामिल होंगे। यह सेवा दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बीच 'संयुक्त पारस्परिक सामान्य परिवहन' समझौते के तहत संचालित की जाएगी और प्रारंभिक चरण में प्रायोगिक आधार पर संचालित होगी।

इस सेवा विस्तार के साथ-साथ कालिंदी कुंज मेट्रो स्टेशन के पास मदनपुर खादर में एक नया बस टर्मिनल बनाया गया है, जिसमें यात्रियों के लिए सभी जरूरी सुविधाएं, दिव्यांगजनों के लिए सुलभ रैंप और पर्यावरण के अनुकूल डिज़ाइन के साथ कई अन्य सुविधाएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, ईस्ट विनोद नगर डिपो में एक आधुनिक प्रशासनिक भवन का भी उद्घाटन किया जाएगा, जो परिचालन क्षमता और कर्मचारियों की सुविधाओं को और बेहतर बनाएगा।

दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने कहा कि राजधानी दिल्ली तेजी से एक ग्रीन और भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार सार्वजनिक परिवहन प्रणाली की ओर आगे बढ़ रही है। दिल्ली परिवहन निगम के बेड़े में 200 नई इलेक्ट्रिक बसों का शामिल होना, दिल्ली–रोहतक अंतरराज्यीय बस सेवा की शुरुआत और मदनपुर खादर बस टर्मिनल के साथ ईस्ट विनोद नगर डिपो का प्रशासनिक भवन जैसी इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी विकास परियोजनाएं हमारी सतत गतिशीलता और यात्रियों के बेहतर अनुभव के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कुशल नेतृत्व में हम राजधानी दिल्ली के प्रत्येक नागरिक के लिए एक आधुनिक, सुलभ और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए निरंतर काम करने में जुटे हैं।

--आईएएनएस

डीकेपी/