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ड्रग तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की कार्रवाई, दो आरोपी दोषी करार

चंडीगढ़, 5 सितंबर (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के चंडीगढ़ जोनल ऑफिस-I ने 1.230 किलोग्राम कोकीन की तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दारा सिंह और गुरदर्शन सिंह को दोषी ठहराए जाने में सफलता हासिल की है। इससे अवैध ड्रग तस्करी को बढ़ावा देने वाले फाइनेंशियल इकोसिस्टम को तोड़ने की ईडी की कोशिशों को और मजबूती मिली है।
 

चंडीगढ़, 5 सितंबर (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के चंडीगढ़ जोनल ऑफिस-I ने 1.230 किलोग्राम कोकीन की तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दारा सिंह और गुरदर्शन सिंह को दोषी ठहराए जाने में सफलता हासिल की है। इससे अवैध ड्रग तस्करी को बढ़ावा देने वाले फाइनेंशियल इकोसिस्टम को तोड़ने की ईडी की कोशिशों को और मजबूती मिली है।

इसको लेकर ईडी ने शनिवार को जानकारी दी कि पीएमएलए, एसएएस नगर (मोहाली) की स्पेशल कोर्ट ने 3 सितंबर के अपने फैसले में दोनों आरोपियों को मनी लॉन्ड्रिंग की धारा 3 के तहत अपराध, जिसकी सजा पीएमएलएल, 2002 की धारा 4 के तहत मिलती है, का दोषी ठहराया और उन्हें 3-3 वर्ष की सख्त सजा और 5,000 रुपए का जुर्माना लगाया।

ईडी ने इस मामले में पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी। बाद में दोनों आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट की धारा 22 और 29 के तहत संबंधित अपराधों में दोषी ठहराया गया।

ईडी की जांच में 6 लाख रुपए और 4 लाख रुपए के दो चेक मिले, जो प्रतिबंधित सामान (कॉन्ट्राबैंड) के लेन-देन से जुड़े थे। यहां अहम बात यह है कि कोर्ट ने माना कि प्रतिबंधित सामान और जब्त किए गए चेक दोनों ही 'संपत्ति' की परिभाषा में आते हैं और पीएमएलए, 2002 के तहत 'अपराध से हुई कमाई' माने जाते हैं, क्योंकि ये 'शेड्यूल्ड ऑफेंस' (मुख्य अपराध) से जुड़ी आपराधिक गतिविधि का नतीजा थे।

यह सजा ड्रग्स की समस्या को बनाए रखने वाले फाइनेंशियल नेटवर्क का पता लगाने, उन्हें तोड़ने और खत्म करने के ईडी के संकल्प को मजबूती मिलती है। ईडी न केवल नशीले पदार्थों से जुड़े अपराधों को, बल्कि ऐसी आपराधिक गतिविधियों से हुई कमाई को भी निशाना बनाती है, जिससे अवैध ड्रग तस्करी की आर्थिक नींव पर चोट होती है।

--आईएएनएस

डीके/डीकेपी