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ड्रग तस्करी से बना झींगा फार्म का साम्राज्य, ईडी ने नागपट्टिनम में 6 ठिकानों पर मारा छापा

मदुरै, 4 सितंबर (आईएएनएस)। एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) ने ड्रग तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तमिलनाडु में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी के मदुरै सब-जोनल ऑफिस ने 3 सितंबर 2026 को नागपट्टिनम जिले में 6 घरों में एक साथ तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत मेथम्फेटामाइन और गांजा जैसे नशीले पदार्थों की तस्करी से हुई काली कमाई को सफेद करने के मामले में की गई।
 

मदुरै, 4 सितंबर (आईएएनएस)। एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) ने ड्रग तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तमिलनाडु में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी के मदुरै सब-जोनल ऑफिस ने 3 सितंबर 2026 को नागपट्टिनम जिले में 6 घरों में एक साथ तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत मेथम्फेटामाइन और गांजा जैसे नशीले पदार्थों की तस्करी से हुई काली कमाई को सफेद करने के मामले में की गई।

ईडी की यह जांच नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), चेन्नई जोनल यूनिट की शिकायत के आधार पर शुरू हुई थी। एनसीबी ने ईसी और एनडीपीएस एक्ट के मामलों के लिए बनी स्पेशल कोर्ट में मेथम्फेटामाइन और गांजा की अवैध तस्करी को लेकर मामला दर्ज कराया था।

जांच में मुख्य आरोपी नागपट्टिनम के विलुंडमावडी निवासी एम. एलेक्स है। एनसीबी ने 13 अप्रैल 2025 को पुदुक्कोट्टई-मदुरै रोड पर मेलाविलाकुडी के पास भारती नगर में एम. एलेक्स को मेथम्फेटामाइन हाइड्रोक्लोराइड के साथ रंगे हाथों पकड़ा था। पूछताछ में पता चला कि एलेक्स कोई नया अपराधी नहीं है। इससे पहले भी तमिलनाडु पुलिस ने 2023 और 2024 में गांजा और मेथम्फेटामाइन तस्करी के कई मामलों में एलेक्स और उसके पिता महालिंगम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।

ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि एम. एलेक्स ने ड्रग तस्करी से करोड़ों की अवैध कमाई की। इस काली कमाई से उसने कई अचल संपत्तियां खरीदीं। नागपट्टिनम, वेलंकन्नी और थलियामाडी में झींगा फार्म, महंगी जमीनें और गाड़ियां जैसी चल संपत्तियां भी खरीदी गईं। ये सभी संपत्तियां एलेक्स और उसके परिवार के सदस्यों के नाम पर ली गई थीं।

काली कमाई को सफेद करने के लिए आरोपी ने बड़ा जाल बुना था। जांच में पता चला कि ड्रग्स से हुई कमाई को परिवार के सदस्यों और तीसरे पक्ष के लोगों के बैंक खातों के जरिए घुमाया जाता था, जिसे लेयरिंग कहा जाता है। परिवार और अन्य लोगों के नाम पर लोन लिए गए और फिर उन्हें ड्रग्स की कमाई से नकद में चुकाया गया। पैसों को कई अन्य फर्जी संस्थाओं के माध्यम से भी रूट किया गया।

तलाशी के दौरान ईडी को कई अहम सबूत मिले हैं। छापेमारी में कई डिजिटल डिवाइस और आरोपी द्वारा किए गए पैसों के लेन-देन और जमीन व झींगा फार्म में निवेश से जुड़े आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

--आईएएनएस

एससीएच