ड्रग तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार
नई दिल्ली, 3 जुलाई (आईएएनएस)। साउथ डिस्ट्रिक्ट पुलिस की ओर से ड्रग तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया है। डीसीपी ने इसकी जानकारी दी है।
साउथ के डीसीपी अनंत मित्तल ने बताया, "29 जून को दोपहर करीब 3 बजे साउथ डिस्ट्रिक्ट स्पेशल स्टाफ को सूचना मिली कि कोटला मुबारकपुर इलाके में तीन लोग भारी मात्रा में नशीले पदार्थ के साथ मिल सकते हैं। इस जानकारी पर कार्रवाई करते हुए एक टीम बनाई गई और तुरंत मौके पर भेजी गई। शाम करीब 6 बजे कोटला मुबारकपुर के एक घर से तीन लोगों को पकड़ा गया।"
डीसीपी के अनुसार, तलाशी लेने पर लगभग 8.6 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता की चरस बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 8 से 9 करोड़ रुपए है। तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया और बाद में आगे की पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया। तीनों आरोपी नेपाल के रहने वाले हैं। बीते कुछ वर्षों से देश में अलग-अलग जगहों पर काम कर चुके हैं। हिमाचल और गोवा में शेफ के तौर पर काम कर चुके हैं। जांच से पता चला है कि सोनौली बॉर्डर पर एक महिला इन लोगों को चरस हैंडओवर करती थी।
डीसीपी की ओर से बताया गया कि 'नशा मुक्त भारत' के तहत नशे के खिलाफ जो अभियान चलाया जा रहा है, उसके तहत यह बड़ी कामयाबी है। उन्होंने कहा कि टीमें महिला की तलाश में जुटी हुई हैं। महिला से पूछताछ के बाद ही कंफर्म कर पाएंगे कि इसके पीछे कितना बड़ा गैंग है। उन्होंने बताया कि ज्योति पुनमगर सरगना है। इसके साथ ही भरत थापा और गोविंद बुद्धा नाम के युवक को पकड़ा गया है। जांच से पता चला है कि ढाई वर्ष पहले ये लोग दिल्ली आए थे। बीते सवा या डेढ़ वर्ष पहले से इन लोगों ने ये काम करना शुरू किया है।
डीसीपी अनंत मित्तल ने बताया कि प्राथमिक जानकारी के अनुसार, नोएडा और गुड़गांव में भी सप्लाई करते थे। व्हाट्सएप के माध्यम से इन लोगों के बीच कम्युनिकेशन किया जाता था। नेपाल के निवासी होने की वजह से ये लोग बिनमाया के संपर्क में थे। ये लोग पहले से ही एक दूसरे को जानते हैं। कोटला में किराए के मकान पर रह रहे थे।
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