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डीआरआई की बड़ी कार्रवाई, तस्करी कर लाई गई 60,000 किलोग्राम विदेशी सुपारी जब्त की

नई दिल्ली, 22 मई (आईएएनएस)। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) पूर्वोत्तर क्षेत्र में तस्करी नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 60,000 किलोग्राम विदेशी सुपारी जब्त की है और साथ ही, इस मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह जानकारी वित्त मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को दी गई।
 
डीआरआई की बड़ी कार्रवाई, तस्करी कर लाई गई 60,000 किलोग्राम  विदेशी सुपारी जब्त की

नई दिल्ली, 22 मई (आईएएनएस)। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) पूर्वोत्तर क्षेत्र में तस्करी नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 60,000 किलोग्राम विदेशी सुपारी जब्त की है और साथ ही, इस मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह जानकारी वित्त मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को दी गई।

वित्त मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि डीआरआई की गुवाहाटी क्षेत्रीय इकाई ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में कल और इस सप्ताह की शुरुआत में संचालित किए गए दो बड़े अभियानों में लगभग 60,000 किलोग्राम तस्करी की गई विदेशी सुपारी जब्त की है।

डीआरआई ने विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर मिजोरम और असम में अभियान संचालित करते हुए ये जब्ती की।

बयान में आगे कहा गया कि शुरुआती जांच में पता चला कि इस विदेशी सूखी सुपारी की म्यांमार-मिजोरम सीमा के रास्ते म्यांमार से भारत में तस्करी की जा रही थी। इस अभियान में डीआरआई को असम राइफल्स की 38वीं बटालियन का सहयोग मिला। अब तक इन अभियानों में 5 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

मंत्रालय ने आगे कहा कि पड़ोसी देश से सुपारी की अवैध आवक घरेलू सुपारी उत्पादकों को गंभीर आर्थिक नुकसान पहुंचा रही है और सीमावर्ती क्षेत्रों में आर्थिक सुरक्षा को कमजोर कर रही है।

इससे पहले, डीआरआई ने देश में सक्रिय ई-सिगरेट की तस्करी करने वाले गिरोह पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 120 करोड़ रुपए की 3 लाख ई-सिगरेट/वेप्स जब्त कीं थी।

वित्त मंत्रालय ने बयान में कहा कि राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने प्रतिबंधित निकोटीन उत्पादों के अवैध आयात के विरूद्ध एक बड़ी कार्रवाई में पिछले कुछ दिनों में महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली और पश्चिम बंगाल के कई बंदरगाहों, हवाई अड्डों और आईसीडी (सूचना नियंत्रण केंद्र) में चलाए गए अपने अभियानों में व्यापक स्तर पर ई-सिगरेट (वेप) तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया है।

इन प्रतिबंधित ई-सिगरेटों को हर बार चीन से मंगाया गया था और इन्हें "फर्नीचर" और "धातु की कुर्सी के पुर्जों" जैसी वस्तुओं में छिपाकर आयात किया गया था।

--आईएएनएस

एबीएस/