डीआरआई पुणे ने प्रतिबंधित वन्यजीवों की तस्करी का भंडाफोड़ किया, दो गिरफ्तार
पुणे, 21 मई (आईएएनएस)। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की मुंबई जोनल यूनिट और पुणे क्षेत्रीय इकाई को वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। टीम ने पुणे रेलवे स्टेशन के पास छिपाकर रखे गए प्रतिबंधित वन्यजीवों को जब्त किया और इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
डीआरआई अधिकारियों को विशेष सूचना मिली थी कि कुछ लोग पुणे में प्रतिबंधित वन्यजीवों को अवैध तरीके से रखकर बेचने की कोशिश कर रहे हैं। 20 मई को अधिकारियों ने निगरानी के आधार पर एक संदिग्ध व्यक्ति को रोका। उसकी जांच के दौरान दो नालीदार गत्ते के डिब्बों में छिपाकर रखी गई तीन जीवित मालाबार विशाल गिलहरियां बरामद की गईं।
इसके बाद डीआरआई टीम ने आगे की छानबीन की और पुणे के दूसरे स्थान पर दूसरा संदिग्ध व्यक्ति पकड़ा गया। उसके कब्जे से सात जीवित भारतीय स्टार कछुए बरामद किए गए।
मालाबार विशाल गिलहरी और भारतीय स्टार कछुआ दोनों ही वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I में शामिल हैं। इन प्रजातियों को देश में उच्चतम स्तर की सुरक्षा प्राप्त है। इनका शिकार, कब्जा, परिवहन या व्यापार पूरी तरह से प्रतिबंधित है। किसी भी प्रकार की अनुमति के बिना इनके साथ कोई भी गतिविधि गंभीर अपराध मानी जाती है।
डीआरआई अधिकारियों ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही बचाए गए सभी वन्यजीवों और उन्हें छिपाने में इस्तेमाल की गई पैकिंग सामग्री को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पुणे वन विभाग को सौंप दिया गया है।
डीआरआई ने कहा कि वह बेईमान तत्वों और वन्यजीव शिकार गिरोहों के खिलाफ लगातार खुफिया जानकारी पर आधारित अभियान चलाती रहेगी। पर्यावरण और दुर्लभ वन्यजीवों की रक्षा करना डीआरआई की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
यह कार्रवाई पुणे और आसपास के इलाकों में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ सख्त रुख को दिखाती है। स्थानीय वन विभाग के साथ मिलकर डीआरआई ऐसे अवैध धंधों पर लगातार नजर रख रही है। अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीवों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए ऐसे अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे।
--आईएएनएस
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