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डीआरआई की बड़ी कार्रवाई, पाकिस्तान से 73 लाख किलो सेंधा नमक के अवैध आयात का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार

नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने पाकिस्तान से आयात पर लगे प्रतिबंध को तोड़ने के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। एजेंसी ने 'ऑपरेशन डीप मेनिफेस्ट' के तहत कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान में निर्मित 73 लाख किलोग्राम से ज्यादा सेंधा नमक के अवैध आयात का भंडाफोड़ किया है और इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
 

नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने पाकिस्तान से आयात पर लगे प्रतिबंध को तोड़ने के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। एजेंसी ने 'ऑपरेशन डीप मेनिफेस्ट' के तहत कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान में निर्मित 73 लाख किलोग्राम से ज्यादा सेंधा नमक के अवैध आयात का भंडाफोड़ किया है और इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है।

डीआरआई ने पाकिस्तान में बने इंडस्ट्रियल और हिमालयन रॉक सॉल्ट के 295 कंटेनरों के आयात का पता लगाया है। इन कंटेनरों में कुल 7,311 मीट्रिक टन नमक था, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 30 करोड़ रुपए बताई जा रही है। जांच में सामने आया है कि यह पूरा खेल पाबंदी से बचने के लिए रचा गया था।

आरोपियों ने इन कंसाइनमेंट्स को श्रीलंका के कोलंबो पोर्ट से लाया और यूएई की कंपनियों द्वारा जारी किए गए नकली 'सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजिन' और इनवॉइस का इस्तेमाल करके इसके मूल स्थान के बारे में गलत जानकारी दी। पाकिस्तानी मूल को छिपाने के लिए शिपमेंट को तीसरे देश के रास्ते रूट किया गया।

खुफिया जानकारी मिलने के बाद डीआरआई ने 26 सितंबर से 11 अक्टूबर 2026 के बीच दो सप्ताह तक चलने वाला समन्वित ऑपरेशन चलाया। इस दौरान एजेंसी ने गांधीधाम, आदिपुर, वेरावल, पानीपत, पुणे, पटियाला, दिल्ली और मुंबई में इससे जुड़ी कई जगहों पर तलाशी ली।

जांच में खुलासा हुआ कि नौ इम्पोर्टर्स ने पाबंदी के बावजूद मार्च 2026 से मुंद्रा और कांडला पोर्ट्स के जरिए 295 कंटेनर मंगाए थे। इनमें से कांडला पोर्ट पर पांच कंटेनरों को जब्त किया गया है, जिनमें 140 मीट्रिक टन सेंधा नमक था, जिसकी कीमत 24.41 लाख रुपए है। इसके अलावा, इम्पोर्टर्स के बैंक अकाउंट्स में मौजूद बिक्री से हुई 20.96 लाख रुपए की रकम भी जब्त कर ली गई है।

प्रारंभिक जांच में एक बड़े इंटरनेशनल नेटवर्क का पता चला है, जिसमें पाकिस्तान, यूएई, श्रीलंका और भारत के नागरिकों की कंपनियां शामिल हैं। इस नेटवर्क ने सामान के पाकिस्तानी मूल को छिपाने के लिए शिपमेंट और दस्तावेजों में तालमेल बिठाया और लेन-देन के लिए दुबई की कंपनियों के नकली इनवॉइस का इस्तेमाल किया। खास बात यह है कि शिपमेंट के पाकिस्तान-श्रीलंका वाले हिस्से से जुड़े 'बिल ऑफ लैडिंग' और श्रीलंका कस्टम्स में जमा किए गए कस्टम्स डिक्लेरेशन में साफ तौर पर पाकिस्तान को मूल देश और भारत को अंतिम मंजिल बताया गया था, जबकि भारत में जमा किए गए 'सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजिन' नकली पाए गए।

कस्टम्स एक्ट, 1962 के तहत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें इंपोर्ट करने वाली कंपनियों के दो मालिक/पार्टनर, कस्टम्स ब्रोकर का जी-कार्ड होल्डर और दुबई के एक सप्लायर का मालिक शामिल है, जिसने अपने पिता के नाम पर एक इंपोर्ट कंपनी भी बनाई थी।

--आईएएनएस

एससीएच/एबीएम