डोडा में गैर-राजपत्रित कर्मचारियों का प्रदर्शन, सर्विस रूल लागू करने की मांग
डोडा, 9 मार्च (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के डोडा में गैर-राजपत्रित कर्मचारियों ने सोमवार को सर्विस रूल की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने अपना आक्रोश प्रकट करते हुए कहा कि सर्विस रूल से कर्मचारियों के हित की सुरक्षा होती है। हम इतने लंबे समय से सर्विस रूल की मांग कर रहे हैं, लेकिन अफसोस की बात है कि अब तक हमारी मांग पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया गया है।
प्रदर्शनकारी चिकित्सक कर्मचारियों ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि हम बहुत ही शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बातों को शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। हम नहीं चाहते हैं कि इस विरोध प्रदर्शन के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा हो, इसलिए हम लोग बहुत ही शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हमारा मकसद सिर्फ इतना है कि हमारी बात शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचे और हमारी मांगों पर विचार किया जाए।
एक प्रदर्शनकारी कर्मचारी ने कहा कि हम यहां पर पिछले छह साल से काम कर रहे हैं, लेकिन अफसोस की बात है कि हमारे लिए अभी तक सर्विस रूल की मांग को अभी तक धरातल पर नहीं उतारा गया है। सर्विस रूल में सैलरी, पद्दोन्नत्ति समेत एक कर्मचारी के संदर्भ में सभी बातों की जानकारी समाहित होती है, जिससे एक कर्मचारी खुद को काफी सुरक्षित महसूस कर पाता है। हम अपने शीर्ष नेतृत्व से यही मांग करते हैं कि जल्द से जल्द सर्विस रूल को जमीन पर उतारा जाए, जिससे हम खुद को सुरक्षित महसूस कर सके।
उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शन की वजह से कामकाज में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं हो रही है। सभी कर्मचारी अपने अपने काम में लगे हुए हैं। आपातकालीन वार्ड से लेकर ओपीडी तक में सभी लोग काम में जुटे हुए हैं। यह प्रदर्शन करने से पहले हमने यह सुनिश्चित किया है कि कामकाज में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं। सर्विस रूल हर एक कर्मचारी के लिए जरूरी होता है।
एक अन्य चिकित्सक कर्मचारी ने भी सर्विस रूल लागू नहीं किए जाने को लेकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि पिछले सात साल से हम लोग मांग कर रहे हैं, लेकिन अफसोस की बात है कि अब तक इस दिशा में किसी भी प्रकार का ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सर्विस बुक हर कर्मचारी का अधिकार होता है, जिसमें एक कर्मचारी के हित के संदर्भ में सभी बातों का उल्लेख होता है, जिसमें उसके वेतन से लेकर उसे प्रमोशन देने तक की जानकारी शामिल होती है।
अभी तक इसे लागू नहीं किया गया है। पिछले एक डेढ़ साल से हम सरकार से अपील कर रहे हैं कि हमारे लिए सर्विस रूल लागू की जाए, लेकिन किसी भी प्रकार की सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिल रही है। इसके बाद हमने विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया।
चिकित्सक कर्मचारी ने कहा कि अगर हमारे लिए सर्विस बुक लागू नहीं की गई तो फिर हमें आगामी दिनों में अपने विरोध प्रदर्शन को व्यापक शक्ल देनी होगी, ताकि हमारी मांग शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचे और हमारी समस्याओं का समाधान हो सके।
उन्होंने कहा कि अब सात साल से हमारी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसे हम एक बहुत बड़े नजरअंदाज के रूप में देखते हैं। अगर एक दो साल की बात होती, तो इसे बर्दाश्त भी किया जा सकता था। हम मेडिकल सेक्टर में काम करते हैं। हम प्रकार की स्थिति में काम करते हैं। चाहे किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा हो रही है। हम अपना कर्तव्य पूरी निष्ठा के साछ निभाते हैं। ऐसी स्थिति में शीर्ष नेतृत्व को चाहिए कि वो हमारी मांगों पर ध्यान दें।
--आईएएनएस
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