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दो राजघरानों की वारिस हैं अदिति राव हैदरी, जानिए कैसे बनीं भरतनाट्यम नृत्यांगना से अभिनेत्री

मुंबई, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत में राजघरानों का इतिहास हमेशा से आकर्षण और गौरव का प्रतीक रहा है। शाही परिवारों में जन्म लेने वाले लोगों का जीवन अक्सर सुख-सुविधाओं, परंपराओं और प्रतिष्ठा से जुड़ा माना जाता है लेकिन कुछ ऐसे भी हुए हैं, जिन्होंने पारिवारिक विरासत से अलग अपनी पहचान पहचान बनाई है। अभिनेत्री अदिति राव हैदरी उन अदाकाराओं में शुमार हैं, जिनका संबंध शाही राजघराने से रहा है।
 

मुंबई, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत में राजघरानों का इतिहास हमेशा से आकर्षण और गौरव का प्रतीक रहा है। शाही परिवारों में जन्म लेने वाले लोगों का जीवन अक्सर सुख-सुविधाओं, परंपराओं और प्रतिष्ठा से जुड़ा माना जाता है लेकिन कुछ ऐसे भी हुए हैं, जिन्होंने पारिवारिक विरासत से अलग अपनी पहचान पहचान बनाई है। अभिनेत्री अदिति राव हैदरी उन अदाकाराओं में शुमार हैं, जिनका संबंध शाही राजघराने से रहा है।

28 अक्टूबर 1986 को हैदराबाद में जन्मी अभिनेत्री अदिति राव हैदरी त्याबजी-हैदरी परिवार से ताल्लुक रखती हैं। दरअसल, अभिनेत्री दो शाही परिवारों की वंशज हैं। उनके पिता का नाम एहसान हैदरी (बोहरा मुस्लिम) था और मां का नाम विद्या राव। जब अदिति केवल 2 साल की थीं, तब उनके माता-पिता अलग हो गए थे और उनकी मां उन्हें लेकर दिल्ली आ गईं थीं।

पिता की ओर से वे असम के पूर्व गवर्नर और हैदराबाद राज्य के पूर्व प्रधानमंत्री सर मुहम्मद सालेह अकबर हैदरी की परपोती हैं और मां की ओर से वे तेलंगाना के वनापार्थी संस्थान के राजा जे. रामेश्वर राव की नातिन हैं। हालांकि, राजसी परंपराओं और प्रतिष्ठित पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद अभिनेत्री अदिति राव हैदरी ने अभिनय की दुनिया को अपना करियर चुना। उन्होंने अपने अभिनय कौशल, सौंदर्य, सादगी और मेहनत के बल पर भारतीय सिनेमा में एक विशिष्ट पहचान बनाई।

अदिति राव हैदरी अभिनय कला में निपुण होने के साथ-साथ प्रशिक्षित भरतनाट्यम नृत्यांगना भी हैं। उन्होंने हिंदी, तमिल, तेलुगु और मलयालम फिल्मों में काम कर सिनेमा की दुनिया में अपनी खास पहचान बनाई।

अभिनेत्री का शास्त्रीय नृत्य (भरतनाट्यम) की ओर रुझान मुख्य रूप से उनके पारिवारिक माहौल और कलात्मक परिवेश के कारण हुआ था। अभिनेत्री की मां विद्या राव एक मशहूर ठुमरी और दादरा गायिका है। बचपन से ही घर में संगीत और कला का माहौल होने की वजह अभिनेत्री ने बेहद कम उम्र से ही भरतनाट्यम सीखना शुरू कर दिया था और उन्होंने इसकी शिक्षा जानी-मानी भरतनाट्यम नृत्यांगना लीला सैमसन ली थी। बाद में वह उनके प्रतिष्ठित डांस ग्रुप 'स्पंदा' का हिस्सा भी बनीं, जिसके साथ उन्होंने भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई स्टेज प्रस्तुतियां दीं।

अदिति राव हैदरी का सफर राजघराने से भरतनाट्यम नृत्यांगना तक तो पहुंच गया लेकिन इसके बाद उनकी जिंदगी में कुछ ऐसा हुआ जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। असल, में अदिति ने एक कॉन्फ्रेंस में भरतनाट्यम की प्रस्तुति दी थी, जिसे देखकर फिल्म निर्माताओं (शारदा रामनाथन और पद्मिनी रवि) ने उन्हें अपनी शास्त्रीय नृत्य पर आधारित तमिल फिल्म 'शृंगारम' (2007) में मुख्य भूमिका (एक देवदासी के रूप में) ऑफर की थी।

हालांकि 'शृंगारम' की शूटिंग पहले हुई थी लेकिन मलयालम फिल्म 'प्रजापति' पहले रिलीज हुई, जिसमें उन्होंने ममूटी के साथ काम किया था। इसके बाद उन्होंने साल 2009 में राकेश ओमप्रकाश मेहरा की फिल्म ‘दिल्ली-6’ के जरिए हिंदी सिनेमा में कदम रखा।

शाही खानदान से होने के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत और टैलेंट के दम पर फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाई है। संजय लीला भंसाली की वेब सीरीज 'हीरामंडी: द डायमंड बाजार' में अभिनेत्री के डांस को लोग आज भी याद करते हैं। सीरीज में उनके डांस की तुलना मधुबाला मधुबाला और माधुरी दीक्षित जैसी अभिनेत्रियों के अंदाज से की गई थी।

--आईएएनएस

एनएस/पीएम