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दीपावली से दीपावली: वैश्विक अस्थिरता से निफ्टी करीब 4 प्रतिशत फिसला, फार्मा और मेटल में रही तेजी

मुंबई, 8 नवंबर (आईएएनएस)। वैश्विक अस्थिरता के चलते भारतीय शेयर बाजार ने दीपावली 2025 से दीपावली 2026 के बीच निवेशकों को निराश किया है और इस दौरान निफ्टी में करीब 4 प्रतिशत और सेंसेक्स में करीब 5 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है।
 

मुंबई, 8 नवंबर (आईएएनएस)। वैश्विक अस्थिरता के चलते भारतीय शेयर बाजार ने दीपावली 2025 से दीपावली 2026 के बीच निवेशकों को निराश किया है और इस दौरान निफ्टी में करीब 4 प्रतिशत और सेंसेक्स में करीब 5 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है।

हालांकि, बीते एक हफ्ते में निफ्टी और सेंसेक्स में आई करीब 8.5 प्रतिशत की रिकवरी ने इस तस्वीर को सुधारने में काफी मदद की है।

दीपावली 2025 से दीपावली 2026 के बीच सूचकांकों में निफ्टी फार्मा करीब 24 प्रतिशत के रिटर्न के टॉप गेनर है। वहीं, निफ्टी मेटल में भी करीब 23 प्रतिशत की मजबूती देखी गई है। इस दौरान निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी मीडिया भी सबसे ज्यादा बढ़ने वाले सूचकांकों में शामिल थे।

दूसरी तरफ निफ्टी एफएमसीजी 18 प्रतिशत की गिरावट के साथ बाजार में सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाला सूचकांक था। निफ्टी आईटी, निफ्टी पीएसयू और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज सबसे ज्यादा गिरने वाले सूचकांको में शामिल थे।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के मुख्य सूचकांक निफ्टी50 में बीएसई 53 प्रतिशत के रिटर्न के साथ सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाला शेयर है। इसके अलावा, श्रीराम फाइनेंस, टाइटन, अदाणी पोर्ट्स और टेक महिंद्रा 25 प्रतिशत से 40 प्रतिशत के रिटर्न के साथ टॉप गेनर्स थे।

वहीं, निफ्टी50 में आईटीसी 31 प्रतिशत की गिरावट के साथ टॉप लूजर था। इसके अलावा, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस, मैक्स हेल्थकेयर सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर थे।

इसके अतिरिक्त, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) 8 नवंबर को दोपहर 2:20 बजे से 3:30 बजे तक विशेष ट्रेडिंग सत्र आयोजित करेंगे। यह सत्र नए हिंदू वित्तीय वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है।

पिछले 10 मुहूर्त ट्रेडिंग सत्रों में भारतीय शेयर बाजार में आठ बार तेजी दर्ज की गई है। प्रमुख सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स में 2016 और 2017 में गिरावट आई थी, लेकिन इसके बाद लगातार आठ सत्रों में दोनों सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। हालांकि, इस दौरान तेजी आमतौर पर 1 प्रतिशत से कम रही।

--आईएएनएस

एबीएस