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डिमोना- अराद के बाद तेल अवीव और यरूशलम पर ईरान की स्ट्राइक, कई घायल

तेहरान/तेल अवीव, 22 मार्च (आईएएनएस)। ईरान जवाबी कार्रवाई में लगातार बैलिस्टिक मिसाइलें इजरायल पर दाग रहा है। राजधानी तेल अवीव ही नहीं, अब उसके निशाने पर इजरायल का प्रमुख परमाणु केंद्र माना जाने वाला डिमोना भी है। शनिवार को ईरानी मिसाइलें दो शहरों, डिमोना और अराद पर कहर बनकर टूटीं, तो रविवार सुबह निशाने पर राजधानी तेल अवीव और यरूशलम रहे। स्टेट मीडिया के अनुसार, एक-दो नहीं, बल्कि सुबह 4 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं।
 
डिमोना- अराद के बाद तेल अवीव और यरूशलम  पर ईरान की स्ट्राइक, कई घायल

तेहरान/तेल अवीव, 22 मार्च (आईएएनएस)। ईरान जवाबी कार्रवाई में लगातार बैलिस्टिक मिसाइलें इजरायल पर दाग रहा है। राजधानी तेल अवीव ही नहीं, अब उसके निशाने पर इजरायल का प्रमुख परमाणु केंद्र माना जाने वाला डिमोना भी है। शनिवार को ईरानी मिसाइलें दो शहरों, डिमोना और अराद पर कहर बनकर टूटीं, तो रविवार सुबह निशाने पर राजधानी तेल अवीव और यरूशलम रहे। स्टेट मीडिया के अनुसार, एक-दो नहीं, बल्कि सुबह 4 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं।

द टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक, इन हमलों में 300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इजरायली विदेश मंत्रालय और स्वास्थ्य सेवाओं के अनुसार, घायलों में बच्चे भी शामिल हैं।

जानकारी स्वास्थ्य सेवाएं देखने वाली मागेन डेविड एडोम के हवाले से दी गई। जिसने बताया कि क्लस्टर बमों के गिरने से लोग जख्मी हो गए।

डिमोना-अराद में 100 से ज्यादा के घायल होने की खबर है। वहीं, इजरायल के आर्मी रेडियो के अनुसार, डिमोना-अराद हमलों में 150 घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। ये सभी लोग इजरायल में हुए हमलों के बाद इलाज के लिए सोरोका अस्पताल पहुंचे। अराद में 84 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया, जिनमें से 10 की हालत गंभीर है।

ईरान के सरकारी टीवी ने डिमोना हमले को नतांज परमाणु परिसर पर हुए इजरायली हमले का 'करारा जवाब' बताया। इससे पहले ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने कहा था कि नतांज संवर्धन परिसर को निशाना बनाया गया था, हालांकि वहां किसी रेडियोधर्मी रिसाव की खबर नहीं थी।

कुछ तस्वीरें सामने आई हैं जिसमें हमलों की वजह से घर और सड़कें ध्वस्त दिख रही हैं। इस बीच, हमास सैन्य विंग के प्रवक्ता अबू ओबैदा ने डिमोना-अराद पर किए गए मिसाइल हमलों को जायज बताया है। कहा कि यह केवल अमेरिकी आक्रमण का जवाब नहीं है, बल्कि गाजा में फिलिस्तीनी लोगों के खिलाफ इजरायल की कार्रवाई का भी नतीजा है।

ईरान की ओर से ये हमले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद बढ़े हैं, जिन्होंने सोशल मीडिया पर धमकी देते हुए लिखा कि अगर 48 घंटे के भीतर होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट पर हमला करेगा। शुरुआत सबसे बड़े प्लांट से होगी।

इसके बाद ही, ईरान ने चेतावनी दी कि अगर उसके पावर प्लांट को निशाना बनाया गया, तो वह मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इजरायल से जुड़े सभी ऊर्जा ढांचों पर हमला करेगा।

--आईएएनएस

केआर/