Aapka Rajasthan

दिल्ली पुलिस ने एक साइबर ठग और 2 सट्टेबाजों को किया गिरप्तार

नई दिल्ली, 21 जून (आईएएनएस)। ऑनलाइन रेंटल स्कैम में प्रॉपर्टी के मालिक से 34,999 की धोखाधड़ी करने के मामले में सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के साइबर पुलिस स्टेशन ने धोखाधड़ी करने वाले के बैंक खाते को गिरफ्तार किया है। वहीं, शहादरा पुलिस ने दो सट्टेबाजों को गिरफ्तार किया है।
 
दिल्ली पुलिस ने एक साइबर ठग और 2 सट्टेबाजों को किया गिरप्तार

नई दिल्ली, 21 जून (आईएएनएस)। ऑनलाइन रेंटल स्कैम में प्रॉपर्टी के मालिक से 34,999 की धोखाधड़ी करने के मामले में सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के साइबर पुलिस स्टेशन ने धोखाधड़ी करने वाले के बैंक खाते को गिरफ्तार किया है। वहीं, शहादरा पुलिस ने दो सट्टेबाजों को गिरफ्तार किया है।

दिल्ली के करोल बाग के रहने वाले विवेक चावला ने पुलिस को शिकायत दी कि उन्होंने एक ऑनलाइन प्रॉपर्टी पोर्टल के जरिए अपना फ़्लैट किराए पर देने की कोशिश की थी। इस दौरान उनके साथ 34,999 रुपये की धोखाधड़ी हुई। शिकायतकर्ता से "आशीष कुमार पहाड़ी" नाम के एक व्यक्ति ने संपर्क किया। उसने प्रॉपर्टी किराए पर लेने में दिलचस्पी दिखाई और डील पक्की कर ली।

किराये का पेमेंट करने के बहाने आरोपी ने शिकायतकर्ता से उनकी यूपीआई डिटेल्स मांगी और वेरिफिकेशन के लिए 1 रुपया भेजने को कहा। इसके बाद आरोपी ने फोनपे पर 34,999 रुपये का "रिक्वेस्ट मनी" ट्रांज़ैक्शन जेनरेट किया और इसे गलत तरीके से ऐसा दिखाया जैसे वह शिकायतकर्ता को पेमेंट भेज रहा हो। इसे आने वाला पेमेंट समझकर, शिकायतकर्ता ने रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली और अपना यूपीआई पिन डाल दिया, जिससे उनके बैंक खाते से 34,999 रुपये कटकर आरोपी के अकाउंट में चले गए। धोखाधड़ी का एहसास होने पर शिकायतकर्ता ने पुलिस से शिकायत की।

अपराध की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेंट्रल पुलिस स्टेशन की एक टीम गठित की गई। टीम ने दिल्ली, हापुड़, ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम में बड़े पैमाने पर तकनीकी और फील्ड जांच की। बैंकिंग ट्रांजेक्शन, डिजिटल फुटप्रिंट और तकनीकी निगरानी से पता चला कि ठगी गई रकम हिमांशु मंडल के नाम पर खुले केनरा बैंक खाते में जमा की गई थी।

जांच के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम हरियाणा के गुरुग्राम के सेक्टर-7 पहुंची, जहां 18 जून 2026 को आरोपी का पता लगाकर उसे पहचान लिया गया और गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने साइबर धोखाधड़ी से मिली रकम को लेने के लिए इस्तेमाल होने वाले बैंक खातों को चलाने और उपलब्ध कराने में अपनी भूमिका का खुलासा किया। अन्य साथियों की भूमिका का पता लगाने और उस व्यक्ति को खोजने के लिए जांच चल रही है, जिसने आर्मी ऑफिसर बनकर धोखाधड़ी को अंजाम दिया था।

वहीं, शाहदरा की स्पेशल स्टाफ टीम ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। "बांग्लादेश बनाम ऑस्ट्रेलिया" मैच के दौरान सट्टा लगाने की विश्वसनीय जानकारी मिलने पर एसीपी ऑपरेशन्स मोहिंदर सिंह की देखरेख में और स्पेशल स्टाफ के इंचार्ज इंस्पेक्टर आशीष कुमार के नेतृत्व में एक रेडिंग टीम बनाई गई। टीम ने चिन्हित जगह पर छापा मारा। छापे के दौरान, दो लोग चल रहे क्रिकेट मैच पर ऑनलाइन सट्टेबाजी करवाते हुए पाए गए। एक आरोपी लैपटॉप पर सट्टेबाजी कैलकुलेटर एप्लिकेशन का इस्तेमाल करके सट्टेबाजी के लेन-देन और हिसाब-किताब रख रहा था, जबकि दूसरा मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए मैच की लाइव-स्ट्रीमिंग कर रहा था और मोबाइल फोन के जरिए सट्टेबाजों से दांव स्वीकार कर रहा था। आरोपियों की पहचान अक्षय (48) और सुनील दत्त (32) निवासी जीटीबी एन्क्लेव के रूप में हुई है।

पूछताछ के दौरान, आरोपी अक्षय ने बताया कि वह लैपटॉप के जरिए सट्टेबाजी का रिकॉर्ड और हिसाब-किताब रख रहा था, जबकि आरोपी सुनील दत्त ने लाइव स्ट्रीमिंग और सट्टेबाजी की गतिविधियों के लिए "क्रिकेट गुरु" एप्लिकेशन का इस्तेमाल करने की बात स्वीकार की। जुए के काम में इस्तेमाल किए गए सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सबूत के तौर पर जब्त कर लिया गया।

--आईएएनएस

ओपी/पीएम